ट्रेनिंग प्रोग्राम के पहले दिन डॉ शक्ति कुमार ने मशीन लर्निंग के सभी फंडामेंटल्स को प्रतिभागियों के समक्ष रखा , सॉफ्ट कंप्यूटिंग क्या है
न्यूज डेक्स संवाददाता
समालखा। पाईट कॉलेज ,पट्टीकल्याणा में एआईसीटीई द्वारा प्रायोजित चार चरणों के ऑनलाइन शार्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम “डिज़ाइन ऑफ़ सॉफ्ट कंप्यूटिंग बेस्ड मशीन लर्निंग मॉडल्स ” के पहले चरण का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्यातिथि कुलपति , कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी , प्रोफेसर सोम नाथ सचदेवा , अति विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर डॉ अरुण खोसला , डीन , एन आई टी , जालंधर, राकेश तायल , वाईस चेयरमैन , पाईट , प्रोफ़ेसर डॉ शक्ति कुमार , प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर और निदेशक, पाईट ,शुभम तायल , मेंबर बी ओ जी , पाईट, प्रोफ़ेसर डॉ विजय अठावले, डीन इंजीनियरिंग , प्रोफ़ेसर अंजू गांधी, इंचार्ज रिसर्च एंड डेवलपमेंट एंड कोर्स कोऑर्डिनेटर , पाईट द्वारा ज़ूम प्लेटफार्म पर किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ की गई। देश के अलग अलग हिस्से से 100 से ज्यादा प्रतिभागियों ने इस ट्रेनिंग कार्यक्रम को ज्वाइन किया। प्रोफेसर डॉ अंजू गांधी ने मुख्य अतिथि , अति विशिष्ट अतिथियों , विषय विशेज्ञों और सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और हफ्ते भर चलने वाले इस कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी सभी को दी। मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफ़ेसर सोमनाथ सचदेवा ने कॉलेज मैनेजमेंट और डायरेक्टर डॉ शक्ति कुमार को इस कार्यक्रम के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा आज देश जिन हालातों से गुजर रहा है , चारों तरफ भयावह माहौल बना हुआ है , ऐसे वक़्त में रिसर्च और एजुकेशन के क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां हमारे शिक्षकों और विधार्थियों के लिए उठाया गया बहुत सराहनीय कदम है।
उन्होंने ट्रेनिंग प्रोग्राम के विषय के बारे में बताते हुए कहा कि मशीन लर्निंग आर्टिफिशल इंटेलिजेन्स का एक हिस्सा है और आने वाला समय आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का युग है , इसलिए ऐसे ट्रेनिंग प्रोग्राम सभी प्रतिभागियों के बहुत लाभदायक है। अति विशिष्ट अतिथि डॉ प्रोफेसर डॉ अरुण खोसला , डीन , एन आई टी , जालंधर ने भी कॉलेज मैनेजमेंट और निदेशक डॉ शक्ति कुमार और इनकी टीम को ऐसे ऑनलाइन ट्रेनिंग कार्यक्रम के लिए बधाई दी और उनका आभार प्रकट किया कि वो इस कार्यक्रम का हिस्सा बने।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बताया कि ऐसे कार्यक्रमों में जो भी कुछ सीखने को मिले उसे सीख कर , अलग अलग एप्लीकेशन में इम्प्लीमेंट कर के अपने विधार्थियों को भी सीखाना चाहिए। कॉलेज के वाईस चेयरमैन राकेश तायल ने मुख्य अतिथि , अन्य अतिथियों एवं सभी विषय विशेज्ञों का धन्यवाद किया कि उन्होंने ऐसे माहौल में हमारे इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए समय निकाला। उन्होंने बताया कि कॉलेज में पिछले कई वर्षों से एजुकेशन 4.० के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है , हमारे शिक्षक रेगुलर यूनिवर्सिटी के सिलेबस के साथ साथ इमर्जिंग टेक्नोलॉजी जैसे आर्टिफिशल इंटेलिजेंस , मशीन लर्निंग , रोबोटिक्स , डेटा साइंस , वर्चुअल रियलिटी इत्यादि विषयों पर विधार्थियों को ट्रेनिंग दे रहे है।
कॉलेज कैंपस में क्षेत्र का सबसे बड़ा इन्क्यूबेशन सेंटर है जहा विधार्थियों को उनका स्टार्ट अप लगाने के लिए तैयार किया जा रहा है। और ऐसे ट्रैनिग प्रोग्राम निश्चित तौर पर हमारे शिक्षकों और विधार्थियों के लिए फायदेमंद रहेंगे। ट्रेनिंग प्रोग्राम के पहले दिन डॉ शक्ति कुमार ने मशीन लर्निंग के सभी फंडामेंटल्स को प्रतिभागियों के समक्ष रखा , सॉफ्ट कंप्यूटिंग क्या है , इसे किस तरह से ड्राइवर लेस्स कार , ऑनलाइन गेम्स, एग्रीकल्चर , हेल्थ डिपार्टमेंट इत्यादि में कैसे इस्तेमाल किया जा रहा है इसकी जानकारी दी इसके अलावा एल पी यु , जालंधर से प्रोफ़ेसर डॉ अमर सिंह ने लीनियर , नॉन लीनियर , मल्टी लेयर एवं अन्य रिग्रेशन मॉडल्स की विस्तृत जानकारी दी।
डॉ अंजू गाँधी ने जानकारी दी कि पहले फेज का यह ट्रेनिंग प्रोग्राम 6 दिन तक चलेगा और आने वाले दिनों में एन आई टी , कुरुक्षेत्र से प्रोफेसर डॉ जितेंदर छाबड़ा , डी क्रस्ट , मुरथल से प्रोफेसर डॉ जे एस सैनी और डॉ पवन दहिया , एन आई टी , जालंधर से डॉ अरुण खोंसला , यु आई टी , कुरुक्षेत्र से डॉ निखिल मरिवाल , पाईट से प्रोफ़ेसर डॉ अंजू गाँधी , डॉ मोनिका , डॉ मुकेश चावला , डॉ दिनेश वर्मा , स्वाति गुप्ता , हरमिंदर , शिराज खुराना , डॉ वैशाली मशीन लर्निंग, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और सॉफ्ट कंप्यूटिंग क्षेत्र की अलग अलग टेक्नोलॉजी पर ट्रेनिंग देंगे।