न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र में कोरोना के मरीज तेजी के साथ रिकवर होकर घर जा रहे है और कोरोना के संक्रमण का प्रभाव भी तेजी के साथ कम हो रहा है। इस समय कुरुक्षेत्र में कोरोना सैम्पल पाजिटिव दर का आकंड़ा, 6.19 फीसदी पर पहुंच गया है। इतना ही नहीं मृत्यदर का आंकड़ा भी केवल 1.41 फीसदी है। कुरुक्षेत्र में कोरोना के मरीज तेजी के साथ ठीक होकर घर जा रहे है, इस जिले में अब तक 19893 मरीज कोरोना की जंग जीत चुके है। कोरोना के मरीजों का रिकवरी आकंड़ा बढक़र 93.44 फीसदी पर पहुंच चुका है और मंगलवार को एक ही दिन में 194 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके है।
इस समय जिले में महज 1097 मरीज ही एक्टिव है। जिला सिविल सर्जन डा. संत लाल वर्मा ने कहा कि कुरुक्षेत्र में कोरोना की जंग जीतने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इससे कोरोना से रिकवरी केसों में सुधार में बढौतरी हो रही है। इस समय कुरुक्षेत्र में 93.44 फीसदी मरीज ठीक होकर घर जा चुके है। इतना ही नहीं कुरुक्षेत्र में सैम्पल पाजिविटी रेट 6.19 फीसदी है। इसके साथ-साथ कुरुक्षेत्र से 194 मरीजों को ठीक होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
इसके साथ-साथ कुरुक्षेत्र में कोरोना से संक्रमित 77 नए केस सामने आए है। इतना ही नहीं कुरुक्षेत्र में कोरोना वायरस से संक्रमित अब तक 19893 मरीज ठीक होकर घर लौट गए है। अहम पहलू यह है कि अभी तक लिए गए 344897 में से 322598 सैम्पलों की रिपोर्ट नेगटिव आ चुकी है। उन्होंने कहा कि कोरोना पाजिटिव गांव अटवाण निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति, सैक्टर 5 निवासी 40 वर्षीय व्यक्ति, गांव चनारथल निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला, गांव बाबैन निवासी 53 वर्षीय महिला और गांव गोगपुर निवासी 38 वर्षीय महिला की मृत्यु हो गई है।
उन्होंने कहा कि 17 मई को चनालहेड़ी के एक 55 वर्षीय पुरुष की बुलेटिन में कोरोना पाजिटिव से मृत्यु को दर्शाया गया था, जबकि इस मृतक व्यक्ति की बाद में रिपोर्ट नेगटिव आ गई थी, इसलिए कोरोना मृतकों की सूचि से इस व्यक्ति का नाम हटा दिया गया है। इस जिले में अब तक 21213 पॉजिटिव केस सामने आ चुके है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस की जांच के लिए इस जिले से अब तक 344897 में से 322598 सैम्पल की रिपोर्ट नेगटिव आ चुकी है। इनमें से 19893 मरीज ठीक होकर घर जा चुके है और 300 कोरोना पाजिटिव मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। इस प्रकार कुरुक्षेत्र में कोरोना वायरस के 1097 एक्टीव केस है।