Home haryana श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा ने ब्रह्मसरोवर को खोलने की मांग की,स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा मांग जायज

श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा ने ब्रह्मसरोवर को खोलने की मांग की,स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा मांग जायज

by ND HINDUSTAN
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10 जून को है बड़ अमावस्या, कुरुक्षेत्र में है इस दिन का विशेष महत्व


गीता मनीषी ने भी सभा की मांग को जायज बताते हुए कहा, खोला जाए ब्रह्मसरोवर 

न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र। श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा ने आपात बैठक बुलाकर यह मांग की है कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के प्रमुख तीर्थ ब्रह्मसरोवर को सरकार द्वारा जारी एडवायजरी के अनुसार यात्रियों और स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए खोला जाए। मंगलवार को कुरुक्षेत्र के सन्निहित तीर्थ के निकट रेलवे रोड स्थित रेणुका सदन में बैठक रखी गई थी। यह बैठक श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के प्रधान पंडित पवन शास्त्री की अध्यक्षता में हुई।

इस बैठक में केडीबी के पूर्व सदस्य, थानेसर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष एवं सभा के मुख्य सलाहाकार जयनारायण शर्मा एडवोकेट,प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा,पूर्व पार्षद एवं सभा के संरक्षक नरेंद्र शर्मा निंदी,वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं निवर्तमान पार्षद नितिन भारद्वाज,कोषाध्यक्ष विजय शर्मा,राजकुमार शर्मा,सन्निहित तीर्थ सूर्य मंदिर के पुजारी राजीव अच्चू स्वामी सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।

बैठक में यह मांग की गई कि जब हरियाणा सरकार द्वारा 7 जून से लॉकडाउन की नई एडवायजरी के अनुसार धर्मस्थलों को कोरोना के नियमों के अनुसार खोलने की अनुमति प्रदान कर दी गई है, तो इसके बावजूद 7 जून से ब्रह्मसरोवर को किस आधार पर अछूता रखा गया है। सभा का कहना है कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ब्रह्मसरोवर की व्यवस्था के लिए है। उसे व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी निभाते हुए सरकार द्वारा जारी आदेशों की पालना करनी चाहिए और इस तरह की मनमानी आस्था के केंद्रों पर नहीं होनी चाहिए।

सभा ने एकमत के साथ यह मांग हरियाणा के राज्यपाल एवं केडीबी के अध्यक्ष के अलावा मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से की है कि 10 जून को बड़ अमावस्या है और कुरुक्षेत्र में इस दिन का विशेष महत्व है। करीब चार किलोमीटर में फैले ब्रह्मसरोवर को कोविड नियमों की पालना करते हुए श्रद्धालुओं की आस्था का ध्यान रखकर खोला जा सकता है। स

भा के पदाधिकारियों का कहना है कि एशिया के सबसे बड़े पवित्र सरोवर को नुकीली तारों से सील किया हुआ है जबकि ब्रह्मसरोवर के परिसर में सर्वेश्वर महोदव, देवीकूप मंदिर, हनुमान मंदिर और कात्यानी मंदिर भी स्थित हैं। ब्रहमसरोवर के द्वारों को सील किए जाने के कारण श्रद्धालु इन मंदिरों के दर्शनों से भी वंचित हैं। सभा ने प्रशासन से पूरजोर अपील की है कि ब्रह्मसरोवर को तुरंत प्रभाव से श्रद्धालुओं के लिए खोला जाए। 


गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने मांग का जायज ठहराया
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज का कहना है कि जब हरियाणा सरकार ने 7 जून से कोविड एडवायजरी की पालना करते हुए धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति प्रदान कर दी है तो ब्रह्मसरोवर को भी श्रद्धालुओं के लिए खोला जाना चाहिए। यह सरोवर कोरोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इस विशाल सरोवर में तो एक बार में करीब 10 लाख से ज्यादा लोग डुबकी लगा सकते हैं,जब श्रद्धालुओं के स्नान के लिए गंगा और अन्य पवित्र नदियां खुली हुई हैं तो यह प्रतिबंध केवल ब्रह्मसरोवर पर ही क्यों लगाया गया है। गीता मनीषी ने श्रीब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा की मांग से सहमति जताते हुए हरियामा सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि ब्रह्मसरोवर सहित सभी तीर्थों पर लगा प्रतिबंध तुरंत हटाया जाए।

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