न्यूज डेक्स संवाददाता
बाबैन। युवा कांग्रेस के जिला प्रधान हरप्रीत चीमा ने कहा कि एमएसपी निर्धारण में केंद्र की मोदी सरकार का किसान विरोधी चेहरा उजागर हुआ है। इसमें एक बार फिर किसानों के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि खरीफ फसलों की महंगाई दर 6.2 प्रतिशत है, जबकि खरीफ फसलों की एमएसपी बढ़ोतरी 3.7 प्रतिशत है। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि किसान अपनी लागत कैसे पूरी करेगा। हरप्रीत चीमा बाबैन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को खरीफ लागत मूल्य भी नहीं दे रही है तो लागत के साथ साथ 50 प्रतिशत मुनाफा कब देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार एमएसपी पर फसल खरीदी जान बूझकर कम कर रही है। हरप्रीत चीमा ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों को धान पर 1940 रूपए एमएसपी देने की घोषणा की है,जबकि असल में स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार 2800 रूपए एमएसपी होना चाहिए और गौर करने वाली बात यह है कि भाजपा-गठबंधन सरकार कह रही है कि 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी कर देंगे लेकिन खेती करने के लिए किसान जिस डीजल का इस्तेमाल करता है वो पिछले एक साल में 25 रूपए प्रति लीटर बढ़ा है लेकिन एमएसपी बढ़ाने का ढिंढोरा पीटने वाली किसान विरोधी भाजपा सरकार ने फसल के दाम मात्र 7-10 रूपए प्रति किलो बढ़ाए है। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार का किसान विरोधी चेहरा से उजागर हो रहा है।