Home haryana कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटीःउपनिषदों में है ज्ञान का महासागर : डॉ.रामचंद्र

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटीःउपनिषदों में है ज्ञान का महासागर : डॉ.रामचंद्र

by ND HINDUSTAN
0 comment

*विश्व प्रसिद्ध केन्द्रीय आर्य युवक परिषद्, दिल्ली द्वारा ऑनलाइन माध्यम से आयोजित  241वें राष्ट्रीय वेबिनार

न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र। विश्व प्रसिद्ध केन्द्रीय आर्य युवक परिषद्, दिल्ली द्वारा ऑनलाइन माध्यम से आयोजित  241वें राष्ट्रीय वेबिनार के अंतर्गत ईशोपनिषद् में वैश्विक कल्याण की अवधारणा विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आईआईएचएस के संस्कृत विभाग के अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र ने कहा कि उपनिषद भारतीय ऋषियों की विश्व को बहुमूल्य देन है। देश विदेश के करोड़ों लोगों ने इस साहित्य से प्रेरणा एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया है। इनमें निष्काम कर्म-ज्ञान, विद्या-अविद्या, प्रकृति-पुरुष, भोग-त्याग एवं जीवात्मा-परमात्मा आदि सूक्ष्म विषयों के यथार्थ स्वरूप एवं परस्पर समन्वय का उपदेश प्राप्त होता है। 

उन्होंने बताया कि ईशोपनिषद् कुल 18 मंत्रों का बहुत छोटा सा ग्रंथ है, पर इसे ज्ञान एवं अध्यात्म का महासागर कहना अतिशयोक्ति नहीं है। संसार के कण-कण में ईश्वर के वास होने का प्रथम उल्लेख इसी उपनिषद में प्राप्त होता है। ईश्वर सब जगह पर व्याप्त है और इसीलिए व्यक्ति को किसी के भी धन का लालच नहीं करना चाहिए और त्याग पूर्वक उपभोग करना चाहिए, यह इस उपनिषद् का मूल मंत्र है जिसे अपनाकर संपूर्ण विश्व में आपसी सद्भाव एवं प्रेम की स्थापना की जा सकती है। निष्काम कर्म पर जोर देते हुए इसमें भौतिक विज्ञान एवं आध्यात्मिक ज्ञान तथा परस्पर विरोधी तत्त्वों में सन्तुलन पर जोर दिया गया है।

वर्तमान भौतिकतावादी युग में सुख-समृद्धि बढ रही है पर व्यक्ति का जीवन पहले से अधिक तनाव ग्रस्त एवं चिन्ता पूर्ण हो गया है। ईशोपनिषद् के दिव्य मन्त्रों का अध्ययन एवं आचरण इस अन्धकार को दूर करके आनन्द एवं उल्लास पूर्ण  मार्ग को प्रशस्त करता है।  वेबिनार के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. अनिल आर्य ने मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह व्याख्यान अत्यन्त प्रेरक एवं प्रत्येक व्यक्ति को जीवन सन्देश देने वाला है। उन्होंने कहा कि इस सत्र को फेसबुक एवं यूट्यूब चैनल पर भी प्रसारित किया गया है, जिस पर देश-विदेश के सैकड़ों लोगों ने लाभ लिया है।

वेबिनार की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् हरिओम शास्त्री ने की।  इस अवसर पर हंसराज कॉलेज, दिल्ली की प्राचार्या डॉ. रमा, वैदिक विद्वान् डॉ. वागीश आचार्य, डॉ. सीडीएस कौशल, आचार्य आनन्द पुरुषार्थी एवं नरेश खन्ना सहित देशभर के विचारक, शिक्षाविद, लेखक, प्राध्यापक, शोधार्थी एवं अन्य गणमान्यजन बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।

You may also like

Leave a Comment

NewZdex is an online platform to read new , National and international news will be avavible at news portal

Edtior's Picks

Latest Articles

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?