Home haryana सिख लड़कियों का अपहरण कर जबरी धर्म परिवर्तन करवाने की घटना से भड़का सिख समाज

सिख लड़कियों का अपहरण कर जबरी धर्म परिवर्तन करवाने की घटना से भड़का सिख समाज

by ND HINDUSTAN
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न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र। श्रीनगर में 2 सिख लड़कियों का अपहरण करके जबरन धर्म परिवर्तन करवाने की घटना से देश-विदेश में बसने वाले सिखों में भारी रोष है। सिख समाज ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला उपायुक्त कुरुक्षेत्र के माध्यम से भेजकर मांग की है कि मामले के दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके। इससे पहले शिरोमणि अकाली दल पीएसी मैंबर एवं प्रदेश प्रवक्ता कवलजीत सिंह अजराना की अध्यक्षता में सिख समुदाय की एक बैठक मंगलवार को ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी कुरुक्षेत्र में हुई, जिसमें सर्वसम्मति से श्रीनगर में 2 सिख लड़कियों के साथ हुई ज्यादती की कड़े शब्दों में निंदा की गई।

बैठक में कवलजीत सिंह अजराना ने कहा कि श्रीनगर में राष्ट्रपति राज लागू है। इसके बावजूद वहां पर ऐसी घटना घटी है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भारत में कही भी अल्पसंख्यक लोग सुरक्षित नही है। ऐसी घटनाएं किसी भी देश व समाज में तभी होती है, जब हकूमते सहयोगी हो या सोई हुई हों। इससे पहले भी श्रीनगर में सिख समाज को निशाना बनाया जाता रहा है, मगर अब पानी सिर से गुजर गया है। उन्होंने चेताया कि यदि शीघ्र ही दोषियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा ना दी गई, तो सिख समाज सड़कों पर उतरने को विवश होगा।

श्रीअकाल उस्तत चेरिटेबल ट्रस्ट कुरुक्षेत्र के चेयरमैन एवं अंतरराष्ट्रीय गुरबाणी कथावाचक ज्ञानी तेजपाल सिंह ने घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि देश की आजादी में सिखों ने सबसे ज्यादा कुर्बानियां दी थी और आज भी देश में जब भी, जहां भी कोई विपदा आती है तो सिख समाज सबसे आगे आकर जनसेवा में जुट जाता है। इतिहास ग्वाह है कि सिख समाज ने सदैव ही जरुरतमंद लोगों के लिए लंगर, दवाईयां, बिस्तर आदि  से सेवा की है और यदि किसी के धर्म और आन पर कोई आंच आई है तो कुर्बानियां देने से भी गुरेज नही किया है। मगर अफसोस है कि आजादी के बावजूद देश भर में सिखों के साथ ज्यादतियां की जा रही है और उनके सब्र का इम्तिहान लिया जा रहा है।

सिख मिशन हरियाणा के प्रभारी एवं गुरबाणी कथावाचक भाई मंगप्रीत सिंह ने घटना की सख्त शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि देश की आजादी में 80 फीसदी से भी ज्यादा कुर्बानियां देने वाली सिख कौम के साथ आज देश में दूसरे दर्जे के शहरियों जैसा बर्ताव किया जा रहा है। उन्होंने राष्टÑपति से मांग की कि श्रीनगर ही नहीं, पूरे देश में बसने वाले सिखों की जान माल की सुरक्षा की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि देश की सेवा में हर पल तैयार सिख समाज स्वयं को गौरवविंत महसूस कर सके।

इस अवसर पर एसजीपीसी धर्म प्रचार कमेटी के सदस्य तजिंद्र पाल सिंह ढिल्लो, लोकल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी शाहबाद के पूर्व सदस्य जरनैल सिंह अजराना, ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी कुरुक्षेत्र के मैनेजर अमरिंद्र सिंह धंतौड़ी, पूर्व मुख्य ग्रंथी भाई अमरीक सिंह, गुरमीत सिंह बुटर, शिरोमणि अकाली दल के जिला शहरी प्रधान तजिंद्र सिंह मक्कड़, थानेसर शहरी प्रधान दिलबाग सिंह चौधरी, अमरजीत सिंह नंबरदार, हरकिरत सिंह, गुरसिमरण सिंह, परविंद्र सिंह, श्रीसुखमणि साहिब सेवा सोसायटी गुरुद्वारा पटा साहिब के प्रधान जसपाल सिंह, मनप्रीत सिंह, दविंद्र सिंह, जरनैल सिंह, करनैल सिंह, संतोष सिख ढिल्लो, अवतार सिंह, एसपी सिंह व अजीत सिंह सहित संगत मौजूद रही।

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