सरकार को टकराव का रास्ता छोड़कर तीन कृषि कानून की समस्या का समाधान करना चाहिए – बजरंग गर्ग
तीन कृषि कानून से बड़ी-बड़ी कम्पनियां अनाज की जमाखोरी करके देश की जनता को लुटने का काम करेंगे – बजरंग गर्ग
न्यूज डेक्स संवाददाता
चंडीगढ़।अखिल भारतीय व्यापार मंडल मुख्य राष्ट्रीय महासचिव व हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रान्तीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि केंद्र व हरियाणा सरकार किसानों को उकसाकर देश व प्रदेश में आपसी भाईचारा खराब करने का काम कर रही है। सरकार किसानों को खालिस्तानी, टुकडे़-टुकडे़ व आतंकवादी कहकर किसानों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है जबकि किसान देश का अन्नदाता है किसान का बेटा देश की सीमा पर देश की रक्षा कर रहा है।
मुख्य राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार को किसानों से टकराव का रास्ता छोड़कर तीन कृषि काले कानून पर किसानों से बातचीत करके समस्या का समाधान करना चाहिए। जबकि सात महीनों से भी ज्यादा समय हो गया किसान को देश व प्रदेश में सड़क पर अन्दोलन करते हुए। किसान अन्दोलन में 500 से भी ज्यादा किसानों की मौत हो चुकी है बड़े अफसोस से कहना पड़ा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किसानों की मौत पर एक बार भी दुख प्रकट नहीं किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर खुद कह रहे है कि किसान पवित्र शब्द है।
मुख्य राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने कहा कि जब देश का किसान तीन कृषि कानून नहीं चहाता तो सरकार क्यों जबरन कृषि कानून थोपना चाहाती है। तीन कृषि कानून लागू होने से अनाज की स्टोक सीमा समाप्त हो जाएगी जिससे बड़ी-बड़ी कम्पनी अनाज का स्टोक जमा करके देश में काला बाजारी करके पहले से कई गुणा ज्यादा मंहगाई बढ़ाएगे और प्राईवेट मंडी बनने से सरकारी मंडियों बंद हो जाएगी जब सरकारी मंडिया बंद होगी तो बड़ी-बड़ी प्राईवेट कम्पनी किसान का अनाज सब्जी व फलों की तरह औने पौने दामों में अनाज खरीद करके मोटा मुनाफा कमा कर जनता को लुटने का काम करंेगे। मुख्य राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने देश के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोवर से अपील की है कि वह तीन कृषि कानून को रद्द करके नया चौथा कानून बनाए ताकि सरकार व किसानों में किसी प्रकार का टकराव ना रहे।