किसान हॉर्टनेट पोर्टल पर करवा सकते है अपना पंजीकरण
अधिकतम 5 एकड़ तक मिलेगा अनुदान
बागवानी फसलों के तहत भी विभिन्न स्कीमों के तहत मिलता है अनुदान
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। जिला उद्यान अधिकारी डा. सत्य नारायण ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने की दिशा में एक और सराहनीय कदम उठाते हुए किसानों को खरीफ प्याज की खेती हेतु 8 हजार रूपए प्रति एकड़ अनुदान राशि देने की पहल की है। राज्य सरकार ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत खरीफ प्याज की खेती अपनाने वाले किसानों को जो अनुदान राशि दी जाएगी, वह सीधा उनके बैंक खाता में जाएगी। किसान को अधिकतम 5 एकड़ तक इस अनुदान स्कीम का लाभ दिया जाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी डा. सत्य नारायण ने बातचीत करते हुए कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा किसानों के जीवनस्तर को उपर उठाने और आय को दौगुना करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे है। इसके लिए सरकार द्वारा कई किसान कल्याणकारी नीतियों को अमलीजामा पहनाने का काम किया है। अब राज्य सरकार द्वारा ऐसे किसानों को जो खरीफ प्याज की खेती करने के इच्छुक है, उनको प्रति एकड़ 8 हजार रुपए की अनुदान राशि देने की शुरुआत की है। ऐसे किसानों को खरीफ प्याज की खेती के लिए अधिकतम 5 एकड़ के लिए यह राशि सीधे उसके बैंक खाते में उपलब्ध करवाई जाएगी।
इस स्कीम का लाभ लेने के इच्छुक किसानों को हॉर्टनेट पोर्टल पर अपने खेती क्षेत्र को दर्ज करते हुए अपना पंजीकरण करवाना होगा। इसके बाद सभी सम्बन्धित दस्तावेज जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में जमा करवाने होंगे। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ किसान पानी को बचाने के साथ-साथ अगर बागवानी की फसले अपनाते है तो किसानों को बागवानी की फसले अपनाने पर 90 प्रतिशत तक का अनुदान सरकार की तरफ से दिया जाएगा। इतना ही नहीं अगर किसान अगर टपका सिंचाई व स्प्रींकलर सिंचाई प्रणाली को अडाप्ट करता है तो किसानों को 85 प्रतिशत तक का अनुदान सरकार की तरफ से मुहैया करवाया जाएगा।
जिले को मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत शामिल किया गया है। इस जिले के किसान इस योजना के तहत विभिन्न स्कीमों के तहत फसल विविधिकरण अपनाकर अनुदान राशि प्राप्त कर सकते है। हाईब्रिड सब्जियों के उत्पादन के तहत किसानों के खेतो में हाईब्रिड सब्जी लगाने हेतू 20 हजार प्रति हैक्टेयर की दर से 40 प्रतिशत अनुदान राशि किसानों को दी जाती है। लहसुन मद के तहत मसाले फसल लगाने हेतू किसानों को 40 प्रतिशत अनुदान राशि प्रति हैक्टेयर 12 हजार रुपए के हिसाब से दी जाती है। संरक्षित खेती मद में पॉली हाउस व नैट हाउस स्थापित करने हेतू 65 प्रतिशत की दर से अनुदान राशि प्रदान की जाती है।