न्यूज डेक्स पंजाब
दिल्ली–चंडीगढ़।केंद्र की सत्ता से बाहर हुए कांग्रेस को सात साल बीत चुके हैं और राजस्थान,मध्यप्रदेश,हरियाणा के साथ पंजाब में अंतर्कलह का दौर जारी है।बहरहाल पंजाब को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व में खलबली है। खलबली का पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू के कारण पैदा हुई है। दुपहर तक यह माना जा रहा था कि नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का नया कप्तान बनाया जा सकता है।
मीडिया में इन खबरों के सुर्खियों में छाने से कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपना दाव खेला।बताया जा रहा है कि उन्होंने सोनिया गांधी से फोन पर बात की और कांग्रेस के टूटने जैसी बात हुई और कहा कि सिद्धू की अध्यक्षता में चुनाव नहीं लड़ सकते। इधर पंजाब के कई कांग्रेसी नेताओं और विधायकों के साथ नवजोत सिंह सिद्धू ने चंडीगढ़ में एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के आवास पर बैठक की। उधर प्रभारी एवं उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत दिल्ली में सोनिया गांधी से मिले। मीडिया ने जब उनसे सिद्धू के अध्यक्ष बनने संबंधित सवाल किया तो उन्होंने इस पर कहा उन्हें इसकी जानकारी नहीं।
आज सुबह से कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व एक्शन मोड में दिख रहा था।छन छन कर जो खबरें आ रही थी,उनसे लगा कि कांग्रेस पार्टी में बड़ा कायाकल्प होने जा रहा है। इनमें बड़ा कायाकल्प दुपहर तक पंजाब में दिखाई दे रहा था। यहां सिद्धू को पंजाब कांग्रेस की कप्तानी देने के मूड में आलाकमान दिख रही थी। फिर शाम को खबर आई कि सिद्धू की कप्तानी कैप्टन को किसी भी सूरत में मंजूर नहीं और सोनिया गांधी को उन्होंने इस बारे में आगाह कर दिया है। फिर पूर्व सीएम हरीश रावत ने जिस तरह के संकेत दिए,उससे लगा कि सिद्धू की कप्तानी एक बार फिर अटक चुकी है।
इसका बड़ा कारण यह भी बताया जा रहा है कि आलाकमान को इस बात की खबर पहुंच चुकी थी कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने मंत्रियों और विधायकों की एक बैठक अपने फार्म हाऊस पर बुलाई है।सिद्धू और कैप्टन की बैठकों को कांग्रेस आने वाले तूफान से पहले की मूवमेंट मान कर चल रही है। मगर कांग्रेस दरबार से अच्छा संकेत मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ को लेकर मिल रहे हैं। खबर है कि उन्हें कांग्रेस आलाकमान राष्ट्रीय स्तर किसी बड़ी जिम्मेदारी से नवाजने जा रही है। कमलनाथ को कांग्रेस का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की अटकलें जोर पकड़ रही हैं।