खाप नेताओं ने कहा कि यह एक गैर राजनीतिक संगठन
न्यूज डेक्स संवाददाता
जींद।सर्वजातीय कंडेला खाप के प्रधान ओमप्रकाश कंडेला ने अपने वरिष्ठ सहयोगियों से विचार-विमर्श के बाद खाप की कार्यकारिणी का विस्तार कर दिया। नई कार्यकारिणी में राज सिंह कंडेला को प्रधान महासचिव पद की जिम्मेवारी से नवाजा गया है।गुरुवार को अर्बन एस्टेट स्थित जाट धर्मशाला में आयोजित सर्व जातीय कण्डेला खाप की बैठक संरक्षक श्री ईश्वर लोहचब व प्रधान ओमप्रकाश कण्डेला की अध्यक्षता में हुई। इसमें विचार – विमर्श करने के बाद सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया की आगामी 25 जुलाई रविवार को खाप के ऐतिहासिक चबूतरे पर गांव कण्डेला में सर्वजातिय कण्डेला खाप द्वारा प्रधान ओम प्रकाश कंडेला का अभिनंदन किया जाएगा।
इस अभिनंदन समारोह के लिए अलग-अलग ड्यूटियां वितरित की गई।-उपप्रधान बने अजमेर वाल्मीकि व महासचिव राज सिंह-बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए खाप प्रधान ओमप्रकाश कंडेला व प्रवक्ता जगत सिंह रेढू ने बताया कि आज सर्वजातिय कंडेला खाप की कार्यकारिणी का विस्तार भी किया गया। इसमें उपप्रधान वर्तमान सरपंच अजमेर वाल्मीकि कंडेला, प्रधान महासचिव राज सिंह कंडेला, सचिव साधुराम शाहपुर, सचिव ईश्वर रेढू रायचन्दवाला, सचिव पंकज शर्मा दालमवाला, खेल प्रकोष्ठ उपचैयरमैन अजमेर दालमवाला को बनाया गया। कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारियों की नियुक्ति भी जल्दी ही की जाएगी।
इस अवसर पर वरिष्ठ उपप्रधान रघुबीर भारद्वाज, उपप्रधान बिजेन्द्र शाहपुर, कानूनी प्रकोष्ठ चेयरमैन रणधीर बोहतवाला, महेन्द्र रामदासिया, दलबीर रामदासिया, रमेश वाल्मीकि, राजबीर नम्बरदार, कृष्ण शाहपुर, सुनील कण्डेला, राजेश रेढू, ख्यालीराम, परवाना लोहचब, रामचन्द्र, गुड्डू आदि गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।-लोकतांत्रिक तरीके से चुना है ओमप्रकाश कंडेला को खाप प्रधान-जगत रेढू-खाप प्रवक्ता जगतसिंह रेढू ने पत्रकारों के सवालों पर कहा कि ओमप्रकाश रेढू को लोकतांत्रिक तरीके से प्रधान बनाया गया था। पहले खाप के अंतर्गत 28 गांवों आते थे, जो कुछ स्वार्थी लोगों के कारण माजरा खाप के 14 गांव अलग हो गए थे।
कंडेला खाप के 14 गांवों के प्रबुद्ध लोगों की विगत 14 मार्च को कंडेला में हुई पंचायत में यह तय किया गया था कि वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार कंडेला गांव ही किसी गैर राजनीतिक व्यक्ति को प्रधान पद के लिए नामित करेगा। उसी फैसले के अनुसार ओमप्रकाश कंडेला को प्रधान चुना गया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भाजपा-जजपा सरकार के हाथों की कठपुतली बनकर खाप की एकजुटता को भंग करने को प्रयास कर रहे थे, जिसे कंडेला खाप के लोगों ने नकार दिया है।एक जाति विशेष के लोगों का खाप प्रधानी पर कब्जे के आरोपों को उन्होंने सिरे से ही नकारते हुए उन्होंने कहा कि जूस खाप में जिस जाती की संख्या ज्यादा होती है उसी जाती का प्रधान बनाया जाता है। यह परंपरा प्राचीनकाल से चली आ रही है। इसे लेकर उन्होंने बहतरा खाप से प्रधान मिश्रा सहित कई उदाहरण भी दिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लोगों को खाप की अगुआई करने का हक नहीं है। यह एक सामाजिक संगठन है।