लोगों के पास फोन करके उन्हें बहला-फुसला करते थे ठगी,दो लाख 8 हजार रूपए भी बरामद
न्यूज डेक्स संवाददाता
जींद।जिले में साईबर अपराध शाखा ने ऑनलाईन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफास करते हुए पांच आरोपियों को गिरफतार किया है।सोमवार को पैस वार्ता के दौरान एएसपी नीतिश अग्रवाल ने बताया कि विगत 23 मई को थाना शहर जींद में जवाहर नगर के प्रवेश की शिकायत पर एक मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें प्रवेश ने बताया था कि उससे किसी नामालूम व्यक्ति ने बातों में फसा कर क्यूआर कोड भेज कर उसके खाता से 44 हजार 998 रूपये निकाल लिए। इसके बाद मामला साईबर अपराध शाखा को सौंप गया। साइबर टीम ने पांच आरोपियों को पकड लिया है।
इसमें सबसे पहले 28 जुलाई को मुन्ना वासी चिचाबरी जिला भरतपुर राजस्थान को गिरफतार करके 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। उससे गहनता से पूछताछ की गई और मामले की कडी आगे बढती रही अपराधी पुलिस के हत्थे चढते रहे। एक-एक करके अलग-अलग स्थानों पर छापामारी करके टीम ने चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कुल ठगी किये हुए 2 लाख 8 हजार रूपये बरामद किए है इसके अलावा 10 अकाउंट व एटीएम भी बरामद किए है, जिनमें ये फ्राड करते थे। ये लोगों के खाते खुलवाते थे और उन्हें बेच देते थे।
इनमें से कुछ प्राईवेट कम्पनी में काम करते थे, जिसमें काम करने वाली अनपढ लेबर के बैंको में खाते खुलवाते थे और उन खातों को बेचते थे। उन बैंक खातों का गलत इस्तेमाल किया जाता था। फ्राड होने के बाद ये लोग उस पैसे को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करते थे। जो खाते पुलिस के सामने आये हैं उनको फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन खातों में जिसके साथ भी फ्रोड हुआ है, उनका पता लगाया जाएगा।नीतीश अग्रवाल ने बताया कि इस गिरोह का मुखिया अशोक वासी भिंडावास जिला झज्जर था, जो खातों को बेचने व खरीदने का काम करता था।
अनेक लोगों से उसके सम्पर्क मिले हैं, जिससे वह खातों को खरीदता था व बेचता था। यह इंटर एस्टेट गिरोह है। उन्होंने बताया कि इस गिरोह के गिरफ्तार सदस्यों में अशोक वासी भिंडावास जिला झज्जर, मुन्ना वासी चिचावरी जिला भरतपुर राजस्थान, विजय वासी हमरीपुर उतरप्रदेश, अमजद वासी जिला अलवर राजस्थान शामिल है। अभी और आरोपी भी इस कार्य में शामिल होने पाए जा सकते हैं। आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है।
लालच में आएंगे तो धोखा ही होगा, सावधान रहें
उन्होंने मीडिया के माध्यम से लोगों का जागरूक भी किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति आपके पास फोन करके आपसें कोई जानकारी आपसे पूछता है या पैसे का लालच देता है तो वह आपके साथ धोखाधडी कर रहा है। साइबर अपराधी मोबाइल ऐप, ईमेल, व्हाट्सएप, फेसबुक, मैसेज लिंक तथा फोन पर बात करके गोपनीय जानकारी ले लेते हैं, इसलिए नागरिक ऐसे साइबर अपराधियों से सावधान रहते हुए अपनी गोपनीय जानकारियां या किसी प्रकार का ओटीपी शेयर ना करें। बैंक खाते की पूरी जानकारी लेने के बाद ऑनलाइन फ्रॉड किया जा सकता है।