न्यूज डेक्स संवाददाता
बाबैन। भाजपा बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के पूर्व कार्यकारिणी सदस्य डॉ. गणेश दत्त ने केन्द्र सरकार ने देश में मेडिकल शिक्षा की सभी स्नातक और स्नातकोत्तर की सीटों पर नामांकन के लिए केंद्रीय कोटे में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण व आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लिए भी 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने के कदम को कमजोर व पिछड़े ससाज के लोगों के उत्थान में मील का पत्थर साबित होंगे। भाजपा बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के पूर्व कार्यकारिणी सदस्य डॉ. गणेश दत्त बाबैन में किसान रैस्ट हाऊस में भाजपा नेता विकास शर्मा जालखेड़ी के कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से देश के 5550 विधार्थियों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा नीति से जुड़ी 10 नई पहल की हैं। इनमें स्कूली बच्चों से जुड़ी पहल विद्या प्रवेश योजना भी है, इसके तहत सरकारी स्कूलों में भी अब प्ले स्कूलों जैसी पढ़ाई होगी यानी पहली कक्षा में प्रवेश से पहले बच्चों को 3 महीने का एक खास कोर्स कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या के दबाव को झेलने के लिए संस्थाओं की संख्या जरूर बढ़ती गई और उसी अनुपात में शिक्षा के स्तर में गिरावट भी दर्ज हुई और गुणवत्ता का सवाल गौण होता गया। सरकारी तंत्र से अलग निजी शिक्षा संस्थान भी खड़े होते गए स्कूली शिक्षा में कान्वेंट और मिशनरी स्कूलों का एक अलग दर्जा अंग्रेजों के जमाने में ही बन गया था। डा. गणेश दत्त ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के महायज्ञ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति बड़े फैक्टरों में से एक है। यही वजह है कि इसे दबाव से मुक्त रखा गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवा वर्ग की सोच के अनुरूप है। वे शिक्षा के पुराने बन्धनों और पिंजरों से मुक्त होना चाहते है। आज तक भारत के प्रतिभावान छात्र विदेशों में ही शिक्षा ग्रहण करने में दिलचस्पी रखते थे, परन्तु नई नीति में अब उनके लिए मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार की यह सोच पिछड़े व कमजोर वर्ग के लोगों के लिए वरदान साबित होगी।