किसकी है जिम्मेदारी-कोई विभाग मानने को नहीं है तैयार, एक दूसरे पर फोड़ रहे ठीकरा
केवल कागजों में ही जा रहा है रानी तालाब में नहरी पानी
न्यूज डेक्स संवाददाता
जींद। स्थानीय रानी तालाब में पिछले एक साल से नहरी पानी नहीं पहुंचा है। जिससे तालाब सुखने को है। विडंबना ये है कि नहरी विभाग के रिकॉर्ड में पानी की आपूर्ति तालाब को बदस्तूर जारी है। पानी कहां जा रहा है, यह कोई बताने तक को तैयार नहीं है।रानी तालाब में पानी आपूर्ति को बनाये गए चैनल को पिछले हफ्ते शहर के कुछ युवाओं ने जगह-जगह साफ किया था। चैनल में फंसे अवरोधों को हटाकर रविवार पानी को चालू किया तो परिणाम यह निकला कि मिनी बाईपास के नाम से जानी जानी वाली सड़क जिला कांग्रेस भवन के समीप कई स्थानों से धंस गई। गोहाना रोड से हांसी ब्रांच नहर तक लगभग 3 किलोमीटर तक लंबे चैनल में रिसाव शुरू हो गया।मजे की बात तो यह है कि कोई भी विभाग सड़क मार्ग धंसने और रिसाव की जिम्मेदारी तक लेने को तैयार नहीं है।आसपास के लोगों ने जिला कांग्रेस भवन के समीप सोमवार दोपहर को जब सड़क धंसी तो इसकी सूचना नगर परिषद को दी। नगर परिषद का अमला एमई भूपेंद्र अहलावत के नेतृत्व में तत्काल मौके पर पहुंचा और रिसाव का कारण चैनल को बताया। उन्होंने अपनी ओर से नहरी विभाग और पब्लिक हेल्थ विभाग को सूचित कर दिया। नहरी विभाग के अधिकारियों ने आनन फानन में हांसी ब्रांच नहर पर बने हेड के शटर गिरा दिए, ताकि पानी की सप्लाई चैनल में रोकी जा सके।
-पीडब्ल्यूडी व पब्लिक हेल्थ के अधिकारी भी पहुंचे-नगर परिषद का अमला जब अपना पल्ला झाड़कर मौके से चला गया तो पब्लिक हेल्थ के कार्यकारी अभियंता संजीव कुमार विभागीय अमले सहित पहुंचे। उन्होंने लीकेज और सड़क धंसने का कारण अमरूत योजना के तहत नगर निकाय विभाग द्वारा डाले गए बड़े-बड़े पाइपों को बताया। इस पर पूरी तरह से वे प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए। मौके पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी के अधिकारी सतबीर शर्मा ने बताया कि चैनल में पूरी तरह से रिसाव है, जिस कारण रोहतक रोड की तर्ज पर यह सड़क भी धंस गई है। यह दूसरा मौका है, जब यहां से सड़क धंसी है। करीब 8 महीने पहले भी करीब 30 फ़ीट की सड़क धंस गई थी। उसके बाद इस मार्ग को लीकेज बंद कर पक्का कर दिया गया था।
सफाई के बिना पानी छोड़ना गलत-अहलावतनगर परिषद के एमई भूपेंद्र अहलावत ने कहा कि रानी तालाब के चैनल में पानी तब तक नहीं छोड़ा जाना चाहिए था जब तक कि चैनल की पूरी तरह से सफाई नहीं हो जाती।
नहरी विभाग की ओर से पानी की आपूर्ति बदस्तूर जारी है-पवन नहरी विभाग के जेई पवन कुमार का कहना है कि उनकी ओर से हांसी ब्रांच नहर से पिछले एक साल से तो कभी पानी रोका ही नहीं गया है। जब-जब नहर में पानी आता है तब-तब चैनल में पानी चलता है। चैनल से पब्लिक हेल्थ व हुडा द्वारा बनाये गए दो तालाबों में भी स्टोर होता है। इसके अतरिक्त रानी तालाब व हर्बल पार्क को भी सप्लाई होरा हैं। चैनल को कौनसा विभाग ऑपरेट करता है, यह पूरी तरह से उनकी जानकारी में नहीं है। चैनल किसने बंद किया था और किसने खोला था यह उनकी जानकारी में नहीं है। फिलहाल सड़क धंसने और रिसाव की सूचना मिलते ही हेड के शटर गिरा दिए गए हैं।
आवाजाही की बंद, अधिकारी मौके पर-फिलहाल इस मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। पब्लिक हेल्थ के अधिकारी अमले सहित मौके पर पहुंचे हुए हैं। उनका प्रयास है कि चैनल में मौजूद पानी को पंप लगाकर निकाला जाए ताकि सड़क मार्ग अधिक न धंस पाए।
ये है असली कारण-अन्ना टीम से जुड़े कुछ समाजसेवियों ने बीते सप्ताह चैनल की जगह-जगह सफाई की थी और किसी तरह पानी को चालू कर दिया था। इस प्रयास के बावजूद पानी रानी तालाब में नहीं पहुंचा। इसका मुख्य कारण गोहाना रोड पर इम्प्रूवमेन्ट ट्रस्ट की बिल्डिंग के समीप नीचे से पानी का जो रास्ता है वह कच्चा है। जब करीब 10 साल पहले चैनल बनाया गया था, उस समय पल की तोड़कर क्रासिंग के लिए पाइप नही लगाया गया था। उसे कच्चा ही छोड़ दिया गया था। अब एक साल पानी किन्हीं कारणों से अवरुद्ध होने के बाद दोबारा वहां पहुंचा तो सम्भवतः मिट्टी की ढाह गिरने से पानी की आपूर्ति आगे नहीं हो सकी और जगह-जगह लीकेज हो गई और सड़क मार्ग धंस गया।
डीसी से मिलेगी अन्ना टीम-अन्ना टीम के सदस्य इस मामले के समाधान के लिए शीघ्र ही डीसी से मिलेंगे। अन्ना टीम के सुनील वशिष्ठ ने बताया कि साथियों द्वारा सफाई कर चैनल को खोल गया था, मगर रानी तालाब में पानी ही नहीं पहुंचा। सरस्वती अस्पताल के समीप चैनल को ईंटे डालकर किसी ने बंद कर दिया गया है। वे रानी तालाब में पानी पहुंचाने के लिए शीघ्र ही डीसी से मिलेंगे।