Home haryana स्टील-रीसाइक्लिंग में हरियाणा को अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रयासरत – दुष्यंत चौटाला

स्टील-रीसाइक्लिंग में हरियाणा को अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रयासरत – दुष्यंत चौटाला

by ND HINDUSTAN
0 comment

 ‘स्वच्छ एवं हरित भारत’ के संकल्प में राज्य की होगी अहम भूमिका – डिप्टी सीएम

उपमुख्यमंत्री ‘हरियाणा एनर्जी ट्रांजिशन समिट’ में बतौर मुख्य अतिथि हुए शामिल

न्यूज डेक्स हरियाण

चंडीगढ़। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि प्रदेश सरकार स्टील-रीसाइक्लिंग की दिशा में हरियाणा को अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रयासरत है ताकि केंद्र सरकार के ‘स्वच्छ एवं हरित भारत’ के संकल्प को पूरा किया जा सके। शुक्रवार को डिप्टी सीएम ‘पीएचडी चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स’ द्वारा वर्चुअली आयोजित ‘हरियाणा एनर्जी ट्रांजिशन समिट’ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। 

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में हरियाणा रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने वाले उन चुनिंदा राज्यों में से एक है जिनमें वाहनों की सिस्टेमैटिक-स्क्रैपिंग और उसमें से स्टील की रीसाइक्लिंग पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रोहतक में तो करीब 150 करोड़ रूपए की लागत का एक प्लांट चालू भी हो चुका है जबकि कुछ अन्य बड़ी कंपनियों के साथ सार्थक बातचीत चल रही है ताकि राज्य में स्क्रैप-रीसाइक्लिंग का एक मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार किया जा सके। डिप्टी सीएम ने कहा कि जब भारत सरकार वर्ष 2023-24 में अपनी वाहन स्क्रैपिंग नीति शुरू करेगी तो तब तक हरियाणा सरकार राज्य में  ‘ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर’ और स्क्रैपिंग सुविधाओं के सहायक बुनियादी ढांचे को तैयार कर लेगी।

दुष्यंत चौटाला ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने ‘हरेडा’ की स्थापना की गई है, इससे आवास, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्र में ऊर्जा के कुशल उपयोग के लिए हरित भवन के डिजाइनों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ‘सरल हरियाणा सोलर वॉटर पंप स्कीम 2021’ तैयार की है जिससे दो एचपी (सतह और सबमर्सिबल) और पांच एचपी (सबमर्सिबल) की क्षमता वाले सौर-पंप बना कर बेचने में हरियाणा के उद्योगों को भी अवसर मिलेगा। डिप्टी सीएम ने बताया कि लाभार्थी कुल लागत का केवल 10 प्रतिशत देकर ‘पीएम कुसुम योजना सोलर वॉटर-पंप इंस्टॉलेशन स्कीम’ के तहत सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा उन अग्रणी राज्यों में से एक है जहां भवनों की कुछ श्रेणियों के लिए ‘सोलर रूफटॉप प्लांट’ की स्थापना करना अनिवार्य किया गया है।

उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे देश का पहला ‘इलेक्ट्रिक-व्हीकल फ्रेंडली हाईवे’ बन गया है जिस पर सौर-आधारित इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। उन्होंने सभी उद्योगपतियों से आग्रह किया कि हमें उद्योगों में कम कार्बन वाले पदार्थ उपयोग में लाने चाहिएं। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ाने और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से उत्पादन की लागत को कम करने पर ध्यान केंद्रित करना है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों विशेषकर दिल्ली के निकट के जिलों में उद्योगों के लिए सीएनजी, पीएनजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और धीरे-धीरे उद्योगों को ईंधन के स्वच्छ तरीकों में स्थानांतरित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। 

डिप्टी सीएम ने बताया कि वर्तमान में जो कंपनियां पारंपरिक ईंधन पेट्रोल, डीजल आदि से चलने वाले वाहन बना रही हैं, उनको भी अपनी तकनीक गैर-पारंपरिक ईंधन वाले वाहन के रूप में बदलने के लिए सहयोग व छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य में वाहनों के परिवहन से होने वाले प्रदूषण पर काबू पाने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने एक इलेक्ट्रिक वाहन नीति का मसौदा तैयार किया है और इस नीति का उद्देश्य हरियाणा को विकास के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माता के लिए एक वैश्विक-केंद्र बनाना है। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि इसमें विनिर्माताओं को पूंजीगत सब्सिडी, स्टाम्प शुल्क पर छूट, बिजली सब्सिडी, जल प्रोत्साहन आदि सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार अपने बेड़े में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का अनुपात बढ़ाएगी।

You may also like

Leave a Comment

NewZdex is an online platform to read new , National and international news will be avavible at news portal

Edtior's Picks

Latest Articles

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?