गीता मनीषी स्वामी ज्ञानांनद महाराज ने की गऊ पूजा
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण कृपा गौशाला में गोपाष्टमी का पर्व गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सानिध्य में श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। गीता मनीषी ने गौशाला में गौ पूजन किया और गायों को गुड़ व हरा चारा खिलाकर उनकी आरती उतारी। अपने संबोधन में स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को कन्हैया ने गाय चराना शुरु किया था। इसलिए गौपाष्टमी का दिन बडा ही शुभ दिन है। उन्होने कहा कि माता यशोदा नही चाहती थी कि इतनी छोटी उम्र में कन्हैया गाय चराने जाएं। उन्होने कन्हैया को टालने के लिए मुहुर्त निकलवाने की बात कही तो कन्हैया ने कहा कि सेवा और निष्काम कार्य के लिए किसी मुहुर्त की जरूरत नही होती। स्वामी जी ने कहा कि गाय में सभी देवी देवता वास करते हैं। गाय के मूत्र में गंगा और गोबर में लक्षमी का वास होता है। इसलिए लक्ष्मी पूजा से पहले उस स्थान को गोबर से लीपा जाता है।
गौ सरंक्षण पर बल देते हुए स्वामी जी ने कहा कि गाय के दूध को अमृत माना गया है। गोवर्धन पूजा का मतलब गौ सवंर्धन है ताकि इस धरती पर अधिक से अधिक गौ वंश का संवर्धन हो। उन्होने कहा कि गाय एक मात्र ऐसा प्राणी है जिसके मल को भी पवित्र माना गया है। स्वामी जी ने कहा कि गाय चराने के कारण ही कन्हैया गोपाल कहलवाए। उन्होने कहा कि भगवान सर्व व्यापक है और प्रत्येक प्राणी के मन की बात जानते हैं। उन्होने गऊ पालने पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को गाय पालनी चाहिए। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य यजमान मदन लाल बंसल ने दीप प्रज्जवलित कर गोपाष्टमी पर्व का शुभांरभ किया और गीता मनीषी से आशीर्वाद लिया।
इस मौके पर भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा, पवन गुंबर ने श्री कृष्ण और राधा भाव के भजन गाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गोपाष्टमी पर्व पर सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने गाय की पूजा की व हरा चारा और गुड़ खिलाया। कार्यक्रम का मंच संचालन सुनील वत्स ने किया। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य महेंद्र सिंगला, मंगत राम जिंदल, श्री कृपा गौशाला के प्रधान हंसराज सिंगला, सरंक्षक आरडी गोयल, विजय नरूला, प्रेस प्रवक्ता रामपाल शर्मा, राजेंद्र चोपड़ा, मायाराम चंद्रभानपुरा, सहकारी शुगर मिल शाहाबाद के निदेशक नरेंद्र घराड़सी, मंगत राम, पवन भारद्वाज, खरैती लाल सिंगला सहित अनेक गणमान्य लोगों ने गौ पूजा की।