किसान अपनी उपज को बेच सकेगा किसी भी राज्य के बाजार में
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र, 12 सितंबर। कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र के सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि भाजपा सरकार हमेशा से ही किसान हित की सरकार रही है। इस सरकार ने हमेशा किसानों की भलाई के लिए नई नीतियों को लागू करने का काम किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2022 तक किसानों की आय को दौगूना करने के विजन को लेकर ही किसानों के हित में नए 3 अध्यादेशों को लागू किया गया है। इन अध्यादेशों के लागू होने से किसी भी किसान और आढ़ती को कोई नुकसान नहीं होगा बल्कि अब किसान पूरे देश में कहीं भी अपनी फसल को बेच सकेंगा, पूरे देश की अनाज मंडियों उसके लिए बाजार होंगी। अहम पहलू यह है कि किसानों को अपना उत्पाद मंडी तक ले जाने की बाध्यता नहीं होगी और इससे एक देश एक बाजार की संकल्पना को बढ़ावा मिलेगा।
सांसद नायब सिंह सैनी ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने किसानों के लिए नए अध्यादेश लागू किए है, इन अध्यादेशों के लागू होने से किसानों को काफी फायदा होगा। अब वन नेशन वन मार्केट की तर्ज पर किसानों को अपनी उपज किसी भी राज्य में ले जाकर बेचने की आजादी होगी। इससे कृषि उपज का बाधा मुक्त अंतर-राज्य व्यापार संभव हो सकेगा। केंद्र सरकार के इन अध्यादेशों से किसानों की आय में इजाफा होगा और वह अपनी फसल पूरे देश में कहीं भी बेच सकेंगे।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पहली बार बाजरा व दाल जैसी फसलों को एमएसपी पर खरीदने का निर्णय लिया, मनोहर लाल पहले ऐसे मुख्यमंत्री है जिन्होंने किसानों की छोटी फसलों को भी न्यूनतम समर्थन मुल्य पर खरीदने के लिए नीतियों को लागू किया। एक प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के बीच जाकर उनसे बातचीत की जाएगी और उनकी हर प्रकार की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान किया जाएगा। किसानों को केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए अध्यादेशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी ताकि किसान इन अध्यादेशों का फायदा उठा सके।
उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा किसानों से झूठ बोलकर उनको बहकाने का काम किया जा रहा है, विपक्ष ने हमेशा वोट लेकर किसानों का शोषण करने का काम किया है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसान हित में अनेक फैसले लिए है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हो रहा है। प्रधानमंत्री का विजन है कि 2022 तक किसानों की आय को दौगुना किया जाए, इसी विजन को ध्यान में रखते हुए किसान हित में नए अध्यादेशों को लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना न्यूनतम निर्धारित मुल्य (एमएसपी) पर ही खरीदना सुनिश्चित करेगी। किसानों को फसल बेचने में रतिभर भी परेशानी नहीं आने दी जाएगी और किसानों की तमाम सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा। इतना ही नहीं व्यापारियों की पुरानी प्रणाली को ही आधार माना जाएगा। अगर फिर भी किसी व्यापारी व किसान के मन में जरा सी भी शंका होगी, उसे राज्य सरकार की तरफ से दूर किया जाएगा। इसलिए किसानों व व्यापारियों को किसी के बहकावे में आने की जरुरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम 1956 में संशोधन कर अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेलों, प्याज और आलू जैसी वस्तुओं को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटाने का फैसला किया गया है। इस फैसले से उत्पादन, भंडारण, ढुलाई और वितरण करने की आजादी से व्यापक स्तर पर उत्पादन करना संभव होगा। केन्द्र सरकार ने मूल्य आश्वासन पर किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा अध्यादेश 2020 को भी स्वीकृति दे दी है।
यह अध्यादेश किसानों को शोषण के भय के बिना समानता के आधार पर सामानों की खरीद बिक्री की आजादी देगा। कृषि उत्पादों के लिए एक देश एक बाजार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। देश में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले और वो देश में कहीं भी जाकर अपनी उपज बेच सके, इसके लिए केन्द्र सरकार ने अध्यादेशों पर मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि कृषि उपज वाणिज्य एवं व्यापार (संवर्धन एवं सुविधा) अध्यादेश 2020 किसानों को उनकी उपज देश में किसी भी व्यक्ति या संस्था को बेचने की इजाजत देता है। अब यह सचमुच वन नेशन वन मार्केट होगा।
किसान अपना प्रोडक्ट खेत में या व्यापारिक प्लेटफॉर्म पर देश में कहीं भी बेच सकते हैं इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी। किसानों को सरकार की तरफ से तमाम नीतियों का फायदा दिया जाएगा। इस सरकार ने दिन-रात अन्नदाता के हित के बारे में सोचा है, किसानों को जहां एफपीओ बनाने के लिए सबसीडी देने का काम किया है, वहीं किसान अपनी फसलों की खुद मार्किटिंग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 82 हजार के करीब किसान एफपीओ से जुड़े है, 20 हजार से ज्यादा प्रगति शील किसान है, जो डायरेक्ट मार्केटिंग कर रहे है, अध्यादेश इन किसानों के लिये बाजार खोलने व सुरक्षा के लिए है।