न्यूज डेक्स संवाददाता
जींद। बाबा साहब डा. भीमराव अंबेदकर के 65वें महापरिनिर्वाण दिवस पर खरक गादिया, छात्तर और खापड़ के पीडि़तों ने रानी तालाब पर जाकर बाबा साहब को श्रद्धासुमन अर्पित किए और धरनास्थल पर श्रद्धांजलि सभा की। उसके बाद संविधान और अनुसूचित जाति विरोधी हरियाणा सरकार की गठबंधन सरकार के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार के पीडि़तों ने धरना स्थल से लेकर एसपी निवास तक रोष प्रदर्शन करके आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करवाने के विरोध में प्रदेश के सीएम, डिप्टी सीएम, गृहमंत्री, डीसी और एसपी के पुतलों का दहन किया।धरना संचालक दिनेश खापड़ ने बताया कि खापड़ और छात्तर के अनुसूचित जाति समाज के लोगों का सर्वण समाज के लोगों ने सामाजिक बहिष्कार कर रखा है, जो कि पूरी तरह से असंवैधानिक है गैर-कानूनी है। खापड़ में 3 महीने और छात्तर में 2 महीने 10 दिन बीत गए लेकिन अभी तक सामाजिक बहिष्कार जारी है।
इसलिए विरोध स्वरूप पीडि़त परिवार जींद में न्याय के लिए और आरोपियों की गिरफ्तारी करवाने के लिए 50 दिन से धरने पर बैठे हैं। प्रदेश में भाजपा और जजपा की गठबंधन सरकार में दलितों का शोषण लगातार जारी है। आजाद भारत में फिर से दलितों को गुलाम बनाने का काम सरकार द्वारा दबंगों के माध्यम से किया जा रहा है। दबंगो द्वारा कानून को ताक पर रखकर खाप पंचायतों के जरिए गांव खापड़ और छात्तर में समाज के लोगों का 4 सितम्बर और 26 सितम्बर को सामाजिक बहिष्कार किया गया है, जो आज तक भी जारी है। खापड़ में 20 परिवारों का और छात्तर में 150 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया गया है। पुलिस द्वारा खापड़ और छात्तर में समाज का सामाजिक बहिष्कार करने वाले आरोपी और खरक गादिया वाले मामले सहित सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करने के विरोध में पीडितों द्वारा जींद में अनिश्चितकालीन धरना जारी है। उन्होंने कहा किजब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते संघर्ष जारी रहेगा।