अंतिम दिन भारी संख्या में पर्यटकों ने की जमकर खरीदारी
सरस और क्राफ्ट मेले को कुरुक्षेत्र में मिली स्थाई पहचान
21 राज्यों व विभिन्न देशों के करीब 3700 कलाकारों ने दिखाए हुनर
मीडिया, समाजसेवी संस्थाओं, शहरवासियों व अधिकारियों का किया आभार व्यक्त
हजारों सूचनाओं से मिला पर्यटकों को फायदा
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 ने राष्ट्र ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक पहचान बना ली है। इस महोत्सव के क्राफ्ट और सरस मेले के अंतिम दिन शिल्पकारों और कलाकारों ने रुखसत होने से पहले कभी अलविदा ना कहना… अगले वर्ष 2022 में फिर मिलेंगे का वादा किया। यह महोत्सव पूर्ण सुरक्षा और व्यवस्था के बीच सफल आयोजन के साथ सम्पन्न हुआ। अहम पहलु यह है कि आगामी वर्ष में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2022 में 4 दिसम्बर 2022 के दिन दीपदान कार्यक्रम होगा। उपायुक्त मुकुल कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2022 को यादगार और सफल बनाने के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया कर्मियों और शहर का आम नागरिकों का भरपूर सहयोग मिला। सभी के सांझे प्रयासों से यह महोत्सव सफलता पूर्ण रुप से सम्पन्न हुआ। अब इस महोत्सव ने लोगों के दिलों में अपनी स्थाई पहचान बना ली है।
इस महोत्सव में यह देखने को मिला कि हरियाणा ही नहीं देश के कोने-कोने से लोग शिल्पकला का दीदार करने के लिए पहुंचे है। उन्होंने कहा कि सोशल साइट्स के जरिए इस महोत्सव की झलकियां को दुनिया के कोने-कोने में बैठकर लोगों ने देखा है। इस महोत्सव का लाखों लोगों ने अवलोकन किया। ब्रह्मसरोवर तट पर 2 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चले अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का विधिवत समापन हुआ। महोत्सव में आए शिल्पकार अगले साल फिर से मिलने का वादा कर रुखसत हुए। इस उत्सव में देश व प्रदेश के कोने-कोने से सांस्कृतिक कलाकारों व शिल्पकारों ने भाग लिया। यहां के लोगों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर कलाकारों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि ठंड का मौसम होने के बावजूद रोजाना पर्यटकों व श्रद्धालुओं ने इस महोत्सव में आकर जमकर खरीदारी की। इस समारोह में लाखों पर्यटकों व श्रद्धालुओं ने महोत्सव में शिरकत की है।
21 राज्यों व विभिन्न देशों के 3700 से ज्यादा कलाकारों ने दिखाए हुनर
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 में 21 राज्यों व अमेरिका, भूटान, रशिया, अफ्रीका सहित अन्य देशों के करीब 3700 से भी ज्यादा कलाकारों ने 2 दिसंबर से 19 दिसंबर तक मुख्य मंच, हरियाणा पवेलियन, सांस्कृतिक संध्या, ब्रह्मसरोवर के घाटों पर रोजाना सांस्कृतिक प्रोग्राम प्रस्तुत कर पर्यटकों का मनोरंजन किया। इसके अलावा 48 कोस के 75 तीर्थों पर भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों व जिला स्तरीय कार्यक्रमों में भी अपनी प्रस्तुती दी है। इस महोत्सव में जहां आरती स्थल पर संध्या के समय विभिन्न नामी कलाकार अपने कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। वहीं इसके साथ-साथ मुख्य पंडाल में सांध्यकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी चित्र-विचित्र, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, रंजू अग्रवाल, बाबा मौर्य, गजेन्द्र फोगाट, महावीर गुड्डू आदि प्रसिद्ध कलाकारों ने अपने कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इस महोत्सव में हरियाणा पैवेलियन में हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत के झरोखों को भी देखने का सुनहरी अवसर मिला।
हजारों सूचनाओं से मिला पर्यटकों को फायदा
जिला सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा स्टाल नम्बर एक पर बनाए गए सूचना केंद्र पर 2 दिसंबर से 19 दिसंबर तक हजारों सूचनाएं देकर बिछड़ों को मिलाने, खोए हुए बच्चों को अभिभावकों से मिलाने, स्कूलों के विद्यार्थियों के साथ-साथ खोए हुए सामान व अन्य मामलों का निपटारा करने का काम किया गया। इस सूचना केंद्र की कमान खंड प्रचार कार्यकर्ता बरखा राम, कृष्ण लाल, राजकुमार आदि ने संभाली हुई थी। इन लोगों ने लगातार 18 दिन तक पूरी ईमानदारी से ड्यूटी की है।
नगाड़ा पार्टी, बहरूपिए व कच्ची घोड़ी रही आकर्षण का केंद्र
सांस्कृतिक कलाकारों के अलावा नगाड़ा पार्टी, राजस्थान के बहरूपिये व कच्ची घोड़ी के साथ-साथ पंजाब से आए बाजीगर ग्रुप भी महोत्सव में आकर्षण का केंद्र रहे। बहरूपियों ने इस उत्सव में विभिन्न रूप बदल कर पर्यटकों का दिल जीत लिया।
मीडिया, समाजसेवी संस्थाओं, शहरवासियों व अधिकारियों का किया आभार व्यक्त
उपायुक्त मुकुल कुमार ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 के सफल आयोजन पर सभी पत्रकार व छायाकारों, समाजसेवी व धार्मिक संस्थाओं, शहरवासियों और अधिकारियों, कर्मचारियों तथा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तमाम लोगों के संयुक्त प्रयास से ही 2 दिसंबर से 19 दिसंबर 2021 तक चला यह महोत्सव सफल रहा।