वृन्दावन पहुंची प्रेस क्लब की सांस्कृतिक अध्ययन यात्रा कुरुक्षेत्र, 28 मार्च। अपने कर्तव्य का दृढ़ता से पालन करना ही धर्म है भगवत गीता में धर्म शब्द मजहब के लिए नहीं बल्कि मानवता के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है। धर्म के कारण कोई झगड़े नहीं होते बल्कि धर्म तो इंसान को इंसान बनकर जीना सिखाता है। यह प्रवचन गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने दिए। वे वृंदावन स्थित श्री कृष्ण कृपा आश्रम में कुरुक्षेत्र से वृन्दावन पहुंची प्रेस क्लब की सांस्कृतिक अध्ययन यात्रा में शामिल सदस्यों को भगवत गीता की वाणी से निहाल कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मीडिया को भी श्रीमद्भागवत गीता का अनुसरण करते हुए अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए और जनता में सकारात्मक सोच पैदा करनी चाहिए। श्रीमद्भागवत गीता में मीडिया के लिए भी यही संदेश है कि प्रत्येक मीडिया कर्मी अपने धर्म का पालन करें। धर्म की व्याख्या करते हुए स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने बताया कि मनुष्य जीवन में मूल्य व आदर्श सब धर्म से ही सीखता है। गीता में सभी प्राणियों के प्रति समान भाव है। अब मूल्यों पर आधारित जीवन बहुत कम नजर आता है। ऐसे में जरूरी हो गया है कि हम आपस मे एक-दूसरे की भावनाओं का आदर करें। इंसान को हमेशा यह ज्ञात होना चाहिए कि एक इंसान दूसरे इंसान की सहायता के लिए है न कि एक दूसरे की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए। गीता मनीषी ने बताया कि जीओ गीता की ओर से जल्द ही गीता में डिप्लोमा कोर्स शुरू किया जाएगा। इसके लिए एक बैठक कर प्रारूप तैयार किया जाएगा। इस मौके पर प्रेस क्लब कुरुक्षेत्र के प्रधान रामपाल शर्मा ने बताया कि इस सांस्कृतिक अध्ययन यात्रा से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। तीन दिन की इस यात्रा के दूसरे दिन बरसाना, गोवर्धन पर्वत, बांके बिहारी मंदिर, श्री कृष्ण कृपा बिहारी मंदिर, निधि वन, श्री राधा वल्लब मंदिर, सेवा कुंज, रंगनाथ मंदिर, प्रेम मंदिर व श्री कृष्ण जन्म भूमि सहित कई धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया गया। प्रधान रामपाल शर्मा ने बताया कि इस कृष्ण नगरी में जो कोई भी आता है यहीं के रंग में रंग जाता है। क्लब की ओर से आगे भी इस प्रकार की सांस्कृतिक अध्य्यन यात्राओं का आयोजन किया जाता रहेगा। इस अवसर पर प्रेस क्लब की ओर से स्वामी ज्ञानानंद महाराज जी को स्मृति चिह्न भेंट किया गया।