न्यूज डेक्स हरियाणा
चंडीगढ़। हरियाणा में फसल खरीद के संबंध में जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि अब तक राज्य में शत-प्रतिशत उपज का उठान हो चुका है और एफसीआई के रैकस तथा अन्य राज्यों में भेजने का कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों को 7330 करोड़ रूपए की भुगतान राशि उनके खातों में पहुंचाई जा चुकी है जो कि 99 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने 15 मई तक फसल की उपज की खरीद की मंजूरी राज्य सरकार को दे रखी है जिसके तहत अब चरणबद्ध तरीके से विशेष खरीद केन्द्रों को शटडाऊन करने का काम शुरू होगा लेकिन बड़ी मंडियों में सामान्य रूप से 15 मई तक खरीद का काम होता रहेगा।
दुष्यंत चौटाला ने बताया कि फसलों की बंपर उपज पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इस साल राज्य में सरसों 1.5 लाख हेक्टेयर से भी ज्यादा क्षेत्र में उगाई गई हैं और सरसों की खरीद प्राइवेट खरीददारों द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक दामों पर खरीदी गई है। इसी प्रकार, उन्होंने दालों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 24 मंडियों को दाल खरीद के लिए खोला गया था परंतु किसी भी मंडी में दाल बिक्री के लिए किसानों द्वारा नहीं लाई गई और प्राइवेट खरीददारों ने समय के अनुसार इन दालों को पहले ही खरीद लिया था।
पटवारखानों व तहसीलों का होगा अपग्रेडेशन, राजस्व के लिए बनेगा कॉमन पोर्टल – उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पटवारखानों व तहसीलों को अपग्रेड किया जाएगा और पटवारियों को डिजिटलाइजेशन की ओर अग्रसर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फसल खराबे के मामले में हरियाणा सरकार जल्द ही एक कदम आगे बढ़ाने जा रही हैं जिसके तहत किसान अपनी फसल के खराबे के संबंध में रिपोर्टिंग अपने मोबाइल फोन के माध्यम से भेज सकेगा और उसकी जानकारी अपलोड कर पाएगा जिसके उपरांत संबंधित पटवारी जांच करेगा और इससे समय की बचत होगी। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि भूमि का रिकॉर्ड डिजीटली कर दिया गया है और इसी तर्ज पर पंचायत की भूमि व पटवारखाने के रिकॉर्ड का भी डिजीटलीकरण होगा। इसके अलावा, इंजिनियरिंग कार्यों के लिए एक कॉमन पोर्टल बनाया गया है जिसमें 28 विभागों की सहमति शामिल हो गई है। उसी तर्ज पर राजस्व के लिए भी एक कॉमन पोर्टल बनाया जाएगा, जिसके तहत राजस्व से संबंधित आंकड़ों व डाटा के रखरखाव व निगरानी के कार्य को किया जाएगा।