बालीवुड में शिव-हरी’ के नाम से विख्यात थी पंडितजी और हरि प्रसाद चौरसिया की जोड़ी
न्यूज डेक्स इंडिया
दिल्ली। अंतराष्ट्रीय स्तर पर विख्यात प्रसिद्ध संतूर वादक एवं महान संगीतकार पद्मश्री और पद्म विभूषण और अन्य राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मान एवं पुरस्कारों से नवाजे जा चुके पंडित शिव कुमार शर्मा के निधन की घटना देश-विदेश में शोक जताया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रख्यात संतूर वादक पंडित शिवकुमार शर्मा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। एक ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘‘पंडित शिवकुमार शर्मा जी के निधन से हमारे सांस्कृतिक जगत को गहरी क्षति पहुंची है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर संतूर को लोकप्रिय बनाया। उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध करता रहेगा। मुझे उनके साथ हुआ अपना वार्तालाप याद है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।
राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र,जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शोक जताते हुए पंडित जी के परिवार को शोक संदेश भेजे हैं।’शिव-हरी’ की जोड़ी के नाम से विख्यात पंडित शिव कुमार शर्मा और हरिप्रसाद चौरसिया की जोड़ी ने कई सुपर डुपर हिट फिल्मों के गीतों अपने संगीत से ऊंचाइयां प्रदान की थी। इनमें 90 के दशक के दौरान श्रीदेवी पर फिल्माया गया फिल्म ‘चांदनी’ के ‘मेरे हाथों में नौ-नौ चूड़ियां हैं ने खूब ख्याति प्राप्त की थी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महान संगीतकार और प्रसिद्ध संतूर वादक पंडित शिव कुमार शर्मा के निधन पर शोक प्रकट किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए पंडित शिव कुमार शर्मा को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि संगीत जगत ’शिव-हरी’ के नाम से मशहूर पंडित जी और श्री हरि प्रसाद चौरसिया जी की जोड़ी की कमी सदैव महसूस करेगा।
पंडित शिव कुमार शर्मा का जन्म जम्मू में पंडित उमा दत्त शर्मा के घर 13 जनवरी 1938 को हुआ था। 84 वर्षीय भारतीय संगीतकार और संतूर वादक पंडित शिवकुमार शर्मा का निधन कार्डियक अरेस्ट से हुआ है।उन्होंने मुंबई में आखिरी सांस ली। वह पिछले छह माह से किडनी रोग से पीड़ित थे। पंडित शिवकुमार शर्मा ने अपने गौरवशाली जीवनकाल में कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त किए थे और 1985 में बाल्टीमोर, संयुक्त राज्य की मानद नागरिकता भी दी गई थी।पंडित जी को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 1986 में पद्मश्री 1991 और 2001 में पद्म विभूषण से भी अलंकृत किया जा चुका है।