न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र, 25 सितंबर। गुरूनानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर के प्रो. अमित ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौर में हमारे अध्ययन व अध्यापन में डिजिटल टैक्नालाजी का महत्व बहुत बड़ा जिसके परिणामस्वरूप आज हर व्यक्ति के लिए डिजिटल टैक्नालाजी को जानना, समझना व उपयोग करना बहुत ही जरूरी है ।
वे शुक्रवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में चल रहे आनलाईन द्विसाप्ताहिक अंतर्विषय रिफ्रेशर कोर्स के दौरान बोल रहे थे। उन्होनें बताया डिजिटल टैक्नालाजी के उपयोग में कोरिया पहले नम्बर पर, ब्रिटेन पांचवे स्थान पर तथा भारत कुल 167 देशों की सूची में 131 वें स्थान पर है। भारत सरकार व मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा इस दिशा में कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जैसे स्वयं पोर्टल, स्वंय प्रभा टीवी चैनल, नेशनल डिजिटल लाईब्रेरी आफ इंडिया आदि प्रमुख हैं। प्रो. अमित ने अपने अभिभाषण के दौर में सभी प्रतिभागियों को गूगल मीट, गूगल क्लासरूम व गूगल ड्राईव के उपयोग के बारे में समझाया।
पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ डॉ. अनिल ठाकुर ने कहा कि सामाजिक बदलाव के लिए विधिक नियमों को बदलना जरूरी है। उन्होंने न्यायिक व्यवहारवाद के दृष्टिकोण से संविधानवाद का बदलता स्वरूप पर अपने विचार प्रतिभागियों के साथ सांझे किए। पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से डॉ. महेश शर्मा व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से डॉ. दिनेश कुमार सांयकालीन सत्र के विषय विशेषज्ञ रहे।
कोर्स संचालक डॉ. नीरज बातिश ने बताया कि डॉ. ज्योत्सना कौशिक ने प्रातःकालीन सत्र व डॉ. नीरज मलिक ने सांयकालीन सत्र का मंच संचालन किया। उन्होंने बताया कि सभी प्रतिभागी कोर्स में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। डॉ. सुलोचना, डॉ. नीलम शर्मा, सुरेन्द्र जागलान, डॉ. गगनदीप आदि ने विषय विशेषज्ञों से सवाल पूछे। डॉ. मनीषा व डॉ. रजनी ने कल के सांयकालीन व प्रातःकालीन सत्र की रिपोर्ट पढ़ी।