केयू कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा करेंगे कार्यक्रम की अध्यक्षता
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से आजादी के अमृत महोत्सव के तत्वावधान में हिमाचल पुलिस के नौजवानों द्वारा कुवि ऑडिटोरियम में मेगा शो का आयोजन होगा। शो में 20 से अधिक पुलिसकर्मी देसी-विदेशी वाद्यों के साथ देशभक्ति के गीत, सूफी गायन, हिंदी, पंजाबी तथा लोकगायकी के विविध स्वरूप प्रस्तुत करेंगे। विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में सांय 6 बजे होने वाले इस बैंड शो की अध्यक्षता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा करेंगे। यह जानकारी विश्वविद्यालय प्रवक्ता ने दी।
कार्यक्रम के विषय में विस्तार से जानकारी देते हुए युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि हिमाचल पुलिस का यह बैंड अनेक राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चैनलों पर अपनी प्रस्तुति दे चुका है। इसकी प्रस्तुति में हिमाचल पुलिस के जवान मंच पर विविध आयामी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने बताया कि इनकी सांस्कृतिक प्रस्तुति में वाद्यों के माध्यम से देशभक्ति के गीतों की धुनों, देशभक्ति के गीतों का गायन, सूफी गीतों का गायन, हिंदी, पंजाबी तथा लोकगायकी के अनेक गीत मंच हिमाचल पुलिस के जवानों द्वारा प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि हिमाचल पुलिस के जवानों का यह दस्ता सब-इंस्पेक्टर विजय कुमार के नेतृत्व में अपना सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेगा। इसके अतिरिक्त हेड कांस्टेबल, नरेश कुमार, राजेश कुमार, कांस्टेबल मनजीत सिंह, हितेश भारद्वाज, आशीष कुमार, मनमोहन शर्मा, दलीप कुमार, दीपिका ठाकुर, कशिश शांडिल्य, कमल कुमार, प्रशांत कुमार, कार्तिक शर्मा व कृतिका तनवर पुलिस बैंड के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां विश्वविद्यालय के मंच पर प्रस्तुत करेंगे।
भारत का पहला बैंड यूनिफॉर्म में करेगा प्रस्तुति
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में 16 मई को सांय 6 बजे हिमाचल पुलिस के जवान भारत में पहली बार यूनिफॉर्म के साथ अपने बैंड की प्रस्तुति देंगे। इससे पहले कलर चैनल पर हुनरबाज कार्यक्रम में भी यह पुलिस बैंड अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुका है। भारत में पहली बार हिमाचल प्रदेश के इस पुलिस बैंड को यूनिफॉर्म में कार्यक्रम करने की इजाजत मिली है, इसका श्रेय हिमाचल प्रदेश के डीजीपी संजय कुंडू को जाता है, जिनका संबंध कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से रहा है।