महर्षि कश्यप के जीवन पर शोध के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में स्थापित की जाएगी चेयर: मनोहर लाल।
कश्यप समाज की 4 धर्मशालाओं के लिए 44 लाख रूपये की घोषणा, करनाल सेक्टर 14 का चौक।
संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ के तहत महापुरुषों के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रही है सरकार
समारोह में जुटी भारी भीड़,सीएम की घोषणाओं के दौरान तालियों की गड़गड़ाहट और नारों से गूंजा करनाल।
हरियाणा के इतिहास में पहली बार आयोजित हुआ महर्षि कश्यप जयंती पर राज्य स्तरीय समारोह।
न्यूज डेक्स हरियाणा
करनाल।हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करनाल में आयोजित महर्षि कश्यप जयंती समारोह के दौरान भारी जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कश्यप समाज के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि महर्षि कश्यप के जन्मोत्सव को रिस्ट्रिक्टेड अवकाश की लिस्ट में शामिल किया जाएगा। महर्षि कश्यप की जीवनी पर शोध के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में महर्षि कश्यप चेयर स्थापित की जाएगी जिसके लिए इस वर्ष 15 लाख की राशि विश्वविद्यालय को दे दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि करनाल सेक्टर 14 का चौक महर्षि कश्यप के नाम से होगा तथा जुंडला राजकीय कालेज का नाम महर्षि कश्यप के नाम पर रखा जाएगा।
मनोहर लाल ने कहा कि महर्षि कश्यप की जयंती हर साल ऐसे ही राज्य स्तरीय समारोह आयोजित करके मनाई जाएगी तथा उनके नाम पर एक अंत्योदय कौशल रोजगार केन्द्र भी खोला जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कश्यप समाज की 4 धर्मशालाओं करनाल, कुरुक्षेत्र, बिलासपुर और सफीदों के लिए 44 लाख रूपये अनुदान की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए और सबके समुचित विकास के लिए हर जिले में एक अंत्योदय कौशल विकास केंद्र खोला जाएगा ताकि हुनर को पहचान कर उसे तराशा जाए और युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर खुल सकें। महर्षि कश्यप जयंती पर आयोजित इस राज्य स्तरीय समारोह में उम्मीद से कहीं ज्यादा भीड़ जुटी और मुख्यमंत्री द्वारा की जा रही घोषणाओं के दौरान तालियों की गड़गड़ाहट और नारों से आकाश को गुंजायमान करती रही।
महर्षि कश्यप का प्रेरणादायक व्यक्तित्व सदैव करता रहेगा मानव जाति का मार्गदर्शन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि दानवीर कर्ण की नगरी में इस महाआयोजन में शामिल होना उनके लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनिराज कश्यप महान परोपकारी और प्रजापालक थे और उन्होंने समाज को एक नई दिशा देने के लिए स्मृति ग्रंथ और कश्यप संहिता जैसे महान ग्रंथों की रचना की। ऐसे महान ऋषि का प्रेरणादायक व्यक्तित्व मानव जाति का सदैव मार्गदर्शन करता रहेगा। मनोहर लाल ने कहा कि कश्यप समाज का इतिहास प्राचीन काल से ही गौरवपूर्ण रहा है। इस समाज ने रामायण काल में निषाद जैसे बलशाली राजा दिये। राजा निषाद ने ही वनवास के समय प्रभु श्री रामचंद्र जी को अपने यहां आश्रय दिया था। भक्त प्रहलाद भी इस समाज की देन हैं। महर्षि कश्यप का वंशज यह समाज, बहादुर और कमेरे वर्ग का समाज माना जाता है। आजादी के आंदोलन में इस समाज की बड़ी सराहनीय भूमिका रही है। इस समाज के लोग साहसी, वीर, परिश्रमी और स्वाभिमानी हैं और लोगों में अपार क्षमताएं हैं। वे क्षमताओं का पूरा उपयोग करके न केवल अपनी कौम का भला कर सकते हैं बल्कि पूरे समाज के विकास में रचनात्मक भूमिका निभा सकते हैं।
‘संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ के तहत महापुरुषों के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रही हरियाणा सरकार
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि महापुरुषों की जयंतियां राज्य स्तर पर मनाने की पहल हरियाणा सरकार ने की है। उन्होंने कहा कि हमारे संत-महात्मा, गुरु और महापुरुष न केवल हमारी अमूल्य धरोहर हैं बल्कि हमारी प्रेरणा भी हैं। ऐसी महान विभूतियों की शिक्षाएं पूरे मानव समाज की धरोहर हैं। उनकी विरासत को सम्भालने व सहेजने की जिम्मेदारी हम सबकी है। इसलिए ‘संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ के तहत संतों व महापुरुषों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का काम हरियाणा सरकार कर रही है। महर्षि कश्यप के अलावा कबीर दास जी, महर्षि वाल्मीकि, डॉ. भीमराव अम्बेडकर और गुरु रविदास जी आदि की जयंती को राज्य स्तर पर मनाया रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अन्तर्गत श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश वर्ष को देश भर में मनाने का निर्णय लिया। इसी कड़ी में गत 24 अप्रैल को पानीपत में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। इसी प्रकार प्रधानमंत्री ने दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहबजादों जोरावर सिंह और फतेह सिंह के शहीदी दिवस 26 दिसम्बर को हर वर्ष ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। प्रदेश में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व और श्री गुरु गोविन्द सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में भी राज्य स्तरीय आयोजन किये गए। हमने अमर स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने की पहल की है। उन्होंने कहा कि महापुरुषों ने जो समानता का संदेश दिया है, उसे साकार करने के लिए हमने अनेक ऐसी योजनाएं बनाई हैं, जिनसे गरीब से गरीब व्यक्ति का जीवन स्तर ऊंचा उठ सके।
दानवीर कर्ण की नगरी के लिए ऐतिहासिक पल: संजय भाटिया
करनाल के सांसद संजय भाटिया ने कहा कि महर्षि कश्यप जयंती राज्य स्तरीय समारोह करनाल में मनाया जाना दानवीर कर्ण की नगरी के लिए ऐतिहासिक पल है। इस समारोह में लोग अकेले नहीं बल्कि पूरे परिवार के साथ पहुंचे हैं। हम सभी महर्षि कश्यप की संतान हैं। राजनीति करने वालों ने हमें धर्म, पंथ, संप्रदाय के रूप में बांट दिया। हम विभक्त थे तभी 12 हजार सैनिकों के साथ आए बाबर ने इस देश पर कब्जा किया। अंग्रेज व्यापारी बनकर आए थे लेकिन यहां राज किया। शहीदों और गुरुओं ने इन से लडक़र कुर्बानियां दी और आजादी प्राप्त की। 1947 में हमने आजादी प्राप्त कर ली लेकिन उनके इतिहासकारों ने उनके अनुसार इतिहास को लिखा। हमारे महापुरुषों के बारे में नहीं लिखा गया। जो गलतियां हम आजादी से पहले करते रहे, वहीं गलतियां हमने आजादी के बाद भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी का अमृत महोत्सव मनाने का संकल्प लिया और इसके तहत देश भर में महापुरुषों के जीवन और उनके विचारों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। संजय भाटिया ने कहा कि महर्षि कश्यप का यह भव्य कार्यक्रम ऐसे ही आने वाले वर्षों में मनाया जाएगा।
बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ बनाएं संस्कारवान: रामकुमार कश्यप
इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप ने कहा कि महर्षि कश्यप की जयंती के पावन पर्व पर कहा कि हमें बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कारवान बनाना चाहिए। बच्चों को इतना निपुर्ण बनाना है कि वे नौकरी मांगने वाले नहीं,बल्कि नौकरी देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि आज सर्व समाज को स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना है। तरह-तरह की बीमारियां फैल रही हैं, इनसे निजात पाने के लिए पर्यावरण को बचाना है। रामकुमार कश्यप ने कहा कि इसके लिए हमें ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाकर उनकी रक्षा भी करनी है। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचे सभी लोगों को बरसात के दिनों में कम से कम 1 पौधा लगाने का भी आह्वान किया।
इस मौके पर अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया, कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सिंह सैनी, विधानसभा उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा, घरौंडा के विधायक हरविंदर कल्याण, पानीपत ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा, पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज, विधायक राम निवास, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, मेयर रेणुबाला गुप्ता, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार कृष्ण बेदी, पूर्व मंत्री कृष्ण पंवार, पूर्व विधायक सरदार बख्शीश सिंह विर्क, एडवोकेट रामकुमार कश्यप व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।