न्यूज डेक्स संवाददाता
चंडीगढ़। हरियाणा में कांग्रेस के विधायक राज्यसभा के लिए बनाए गए उम्मीदवार को वोट करने से पहले अंतरआत्मा की आवाज़ सुने और राजस्थान के कांग्रेसी विधायक कुलदीप बिश्नोई की बात सुने। हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा खेमे के कांग्रेसी नेता उदयभान को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने के बाद से बिश्नोई अपनी पार्टी से नाराज़ चल रहे हैं। उदयभान पर कुलदीप बिश्नोई का कहना है,नाराज़गी तो लाज़िमी है, वह मेरी नहीं है,नाराज़गी तो जनता की ही है और उदयभान को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने के फैसले को मैं भी सही नहीं मानता,क्योंकि यह फैसला जनता की भावनाओं के अनुरुप नहीं है।राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा विधायकों की की गई बाडेबंदी पर कुलदीप ने कहा कि यह ठीक नहीं है,विधायकों को अंतरआत्मा की आवाज़ सुनकर वोट करना चाहिए।
अंतरआत्मा की आवाज़ पार्टी की आवाज़ से ऊपर है। रणदीप सुरजेवाला एक बहुत अच्छे नेता है और उनका राज्यसभा में पहुंचना चाहिए। मैं राजस्थान के विधायकों से मैं प्रार्थना करता हूं कि वे सुरजेवाला को वोट करें। चर्चा यह भी कि चार साल पहले एक दूसरे के मुंह में हलवे के चमची को डालने ने के बाद यह लगने लगा था कि शायद यह शुरुआत हुड्डा-बिश्नोई में कड़वाहट मिटाने की है। इसके बाद कुछ अवसरों पर दोनों के बारे में साकारात्मक खबरें भी आई,मगर हलवे की मिठास उस हवा की तरह काफूर हो गई,जो गर्म हलवे पर फूंकी जाती है।वैसे इस हलवे की चमची खाने के बाद बिश्नोई के कई समर्थकों ने उस वक्त कड़ा एतराज जताया था। जुमला वही पुराना है कि राजनीति में दोस्त कब दुश्मन बन जाए और दुश्मन कब दोस्त इसका फ़ैसला मौक़े की नज़ाकत के अनुसार ही होता है।
