Home Kurukshetra News पर्यावरण को संभाल कर रखना समाज की सबसे बडी सेवा: ज्ञानानंद

पर्यावरण को संभाल कर रखना समाज की सबसे बडी सेवा: ज्ञानानंद

by ND HINDUSTAN
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स्वामी ज्ञानानंद ने कुरुक्षेत्र से बद्रीनाथ बाइक पर्यावरण रैली को हरी झंडी देकर किया रवाना

-गीता गोपाल संस्था के सदस्य हर वर्ष बद्रीनाथ तक यात्रा निकाल कर करते है तीर्थो की सफाई

-समाज को दे रहे है पर्यावरण को स्वच्छ बनाने का संदेश

न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र,2 अक्तूबर।

गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि पर्यावरण को संभाल कर रखना देश व समाज के लिए सबसे बडी सेवा है। इस आधुनिक दौर में पर्यावरण को संभालने की निहायत जरूरत है, यह तभी संभव हो पाएगा जब देश का प्रत्येक नागरिक पर्यावरण को स्वच्छ बनाने का संकल्प लेगा।

गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जयंती पर ब्रह्मसरोवर से गीता गोपाल संस्था अंबाला की तरफ से कुरुक्षेत्र से बद्रीनाथ मोटरसाईकिल पर्यावरण रैली को हरी झंडी देने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबडा ने पर्यावरण मोटरसाईकिल जागरूकता रैली को हरी झंडी देकर रवाना किया।

इसके उपरांत गीता गोपाल संस्था के सदस्यों ने पवित्र ब्रह्मसरोवर की सफाई भी की है। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि हमारा पर्यावरण धरती पर स्वस्थ जीवन को अस्तित्व में रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फिर भी हमारा पर्यावरण दिन-प्रतिदिन मानव निर्मित तकनीक तथा आधुनिक युग के आधुनिकरण के वजह से नष्ट होता जा रहा है। इसलिए आज हम पर्यावरण प्रदूषण जैसे सबसे बड़े समस्या का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सामाजिक, शारीरिक, आर्थिक, भावनात्मक तथा बौद्धिक रूप से पर्यावरण प्रदुषण हमारे दैनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित कर रहा है। पर्यावरण प्रदूषण वातावरण में विभिन्न प्रकार के बीमारियों को जन्म देता है, जिसे व्यक्ति जीवन भर झेलता रहता है। यह किसी समुदाय या शहर की समस्या नहीं है, बल्कि दुनिया भर की समस्या है तथा इस समस्या का समाधान किसी एक व्यक्ति के प्रयास करने से नहीं होगा। अगर इसका निवारण पूर्ण तरीके से नहीं किया गया तो एक दिन जीवन का अस्तित्व नहीं रहेगा।

उन्होंने कहा कि आज के समय में किसी भी चीज को स्वास्थय के दृष्टी से सही नहीं कहा जा सकता, जो हम खाना-खाते हैं वह पहले से कृत्रिम उर्वरक के बुरे प्रभाव से प्रभावित होता है, जिसके फलस्वरूप हमारे शरीर की रोग प्रतिरक्षा क्षमता कमजोर होती है जो की सुक्ष्म जीवों से होने वाले रोगों से लड़ने में शरीर को सहायता प्रदान करता हैं। इसलिए, हम में से कोई भी स्वस्थ और खुश होने के बाद भी कभी भी रोगग्रस्त हो सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रदूषण में वृद्धि, प्राकृतिक स्त्रोत में तेजी से कमी का मुख्य कारण है, इससे न केवल वन्यजीवों और पेड़ों को नुकसान हुआ है बल्कि उन्होंने ईको सिस्टम को भी बाधित किया है। आधुनिक जीवन के इस व्यस्तता में हमें कुछ बुरे आदतों पर ध्यान देना आवश्यक है जो हम दैनिक जीवन में करते हैं।

केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबडा ने कहा कि हर वर्ष गीता गोपाल संस्था की तरफ से अंबाला से बद्रीनाथ तक पर्यावरण मोटर साइकिल जागरूकता रैली निकाली जाती है और हर वर्ष स्वामी ज्ञानानंद महाराज इस रैली को रवाना करते है। इस वर्ष यह जागरूकता रैली कुरुक्षेत्र से बद्रीनाथ तक लोगों को पर्यावरण का संदेश देगी।

इस संस्था के सदस्य पवित्र नदी गंगा के साथ-साथ मार्ग में आने वाले सभी तीर्थों की सफाई भी करते है और लोगों को पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संदेश भी देते है। इस अवसर पर राकेश मोहन शर्मा, श्याम सुंदर शर्मा, राजेश, ओम प्रकाश, सुरेश कुमार, पुनीत कटारिया, एकल जग्गी, बिट्टू अग्रवाल, नितिन, अमित मित्तल, पंकज वोहरा, सूरज व विवेक आदि उपस्थित रहे।

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