शाहबाद विधायक रामकरण काला को ज्ञापन सौंपते किसान नेता और जीटी रोड पर प्रदर्शन करते किसान
डॉ.प्रदीप गोयल/न्यूज डेक्स संवाददाता
शाहाबाद। शामलात देह व जुमला मुश्तरका मालकान भूमि के मालिकाना हक़ काश्तकार किसानों से वापिस लेकर पंचायत को देने के सम्बंध में भारतीय किसान यूनियन ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी मांगों संबंधी ज्ञापन विधायक रामकरण काला को सौंपा। भारी संख्या में किसान उधम सिंह स्मारक में एकत्रित हुए और बाद में जोरदार प्रदर्शन करते हुए विधायक रामकरण काला के कार्यालय में पहुंचे। भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस ने बताया कि वित्त आयुक्त ने सभी ज़िला उपायुक्तों को पत्र जारी करके सभी शामलात देह, शामलात देह हसब रसद ज़ेर खेवट व शामलाट देह हसद रसद पैमाना मलकियत व जुमला मुश्तरका मालकान की सभी जमीनों की मालिकाना हक काश्तकार किसानों से वापिस लेकर पंचायत व नगरपालिकाओं के नाम करने के लिए कहा गया है।
प्रदेश की कुछ तहसीलो में ऐसी उक्त जमीनों के इंतकाल तोड़कर पंचायतों के नाम किए भी गए है और प्रशासन ने क़ाबिज़ काश्तकारों को ज़मीन ख़ाली करने के नोटिस भेजने भी शुरू कर दिए है। जबकि माल रिकार्ड के अनुसार किसान इन जमीनों पर पीढ़ियों से काश्त कर रहे है और देह शामलात की ज़मीन पर आज़ादी से पहले भी किसानों का पूरा मालिकाना हक़ था व किसान इन जमीनों को ख़रीद बेच सकते थे व आड़ रहन भी करते थे व गिरदावरी भी कई पीढ़ियों से किसानों के नाम है। उन्होंने बताया कि जुमला मालकान भूमि ज़मीन इस्तेमाल के समय किसानों की मलकियत ज़मीन में से कट लगाकर गांव के साझा काम के लिए ली गई थी जिसका किसी किसान को कोई भी मुआवज़ा नहीं दिया गया था। बैंस ने बताया कि इन जमीनों पर आज़ादी से पहले भी किसान काबिज थे और उक्त ज़मीन के हिस्सेदार के रूप में मालिक भी थे और उक्त ज़मीन बहुत बार आगे ख़रीदी बेची भी जा चुकी है व इस भूमि पर मकान, दुकान, फैक्टरी भी बनाई हुई है। इसलिए ये फ़ैसला किसानों व आमजन के हित में नहीं है। विधायक रामकरण काला ने किसानों को आश्वासन दिया कि किसी भी किसान की जमीन उनके पास से जाने नहीं दी जाएगी।