Home haryana उद्यमिता और स्वरोजगार के बल पर भारत की होगी 2021 की शताब्दी: दत्तात्रेय

उद्यमिता और स्वरोजगार के बल पर भारत की होगी 2021 की शताब्दी: दत्तात्रेय

by ND HINDUSTAN
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हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, शिक्षा मंत्री कंवरपाल, स्वदेशी मंच के राष्ट्रीय सह-संगठक सतीश कुमार, सांसद नायब सैनी, विधायक सुभाष सुधा, कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने किया उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन का शुभारंभ, राज्यपाल ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एल्यूमनी और उद्यमियों को किया सम्मानित

राज्यपाल ने किया 235 लाख रुपये की लागत से निर्मित कम्प्यूटर सेंटर भवन का उद्घाटन


न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र। हरियाणा के राज्यपाल एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि भारत उद्यमिता और स्वरोजगार के बल पर पूरे विश्व में एक मुकाम हासिल करेगा। इस क्षेत्र में लगातार हो रही प्रगति के बल पर निश्चित ही 21वी शताब्दी भारत की होगी। इस देश को दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति बनाने में युवा पीढ़ी का अहम् योगदान रहेगा क्योंकि भारत ही एक ऐसा देश है जहां पर 37 करोड़ युवा शक्ति है। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय सोमवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भगवद्गीता सदन (आडिटोरियम हॉल) में स्वावलम्बी भारत अभियान के अन्तर्गत कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूथ रेड क्रास की ओर से आयोजित उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।

इससे पहले राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कुवि के गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं के कौशल विकास के लिए बनाई गई 235 लाख रुपये की लागत की कम्प्यूटर सेंटर बिल्डिंग का उद्घाटन किया और राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, शिक्षा मंत्री कंवरपाल, स्वदेशी मंच के राष्ट्रीय सह-संगठक सतीश कुमार, सांसद नायब सैनी, विधायक सुभाष सुधा, कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा, कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा ने आत्मनिर्भर भारतः कौशल विकास व उद्यमिता की ओर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के बढ़ते कदम विषय पर लगाई गई प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया और बारीकी से अवलोकन किया। इसके उपरांत राज्यपाल ने ऑडिटोरियम हॉल में दीप प्रज्ज्वलित करके उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन का विधिवत् रूप से शुभारंभ किया। इस दौरान राज्यपाल ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एल्यूमनी  व उद्यमियों सुल्तान सिंह, अरूण गोयत, रमेश मेहता, मीनाक्षी नेहरा भट्ट, सिमरन सिंह, सीमंतिनी खेतरपाल, हरीश सचदेवा व अनिल जैन को अंगवस्त्र व श्रीफल देकर सम्मानित किया।


राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने प्रशांत, निखिल व अजय कुमार को 25 लाख रुपये की राशि का चेक भेंट करते हुए कहा कि राजभवन में देश में ही बने बिस्कुट, चॉकलेट व अन्य खाद्य सामग्री प्रयोग करने का प्रयास किया जाएगा। यह प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को भी अपनाना चाहिए।
उन्हांेने कहा कि किसी भी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को विकसित एवं सूदृढ़ करने में उद्यमिता का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उद्यमिता की महत्ता को मद्देनजर रखते हुए दुनियाभर में 21 अगस्त का दिन विश्व उद्यमी दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज इसी उपलक्ष में इस सम्मेलन का आयोजन किया गया है। भारत सदियों से ही नवाचारों और उद्यमिता के लिए एक इन्क्यूबेटर रहा है। प्राचीन भारत में अनेक हस्तशिल्प कौशल की संभावनाओं को तलाशा गया गया था। इनमें धातु कर्म, लोहा ढ़ालना, और भवन निर्माण से लेकर नृत्य, गीत, संगीत, हस्त शिल्प, हथ करघा तक सभी परम्परागत तरीके से सिखाए जाते थे। जिनमें आज भी उद्यमिता की अपार सम्भावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि आज देश में फिर से उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नवाचारों की आवश्यकता है। इसके लिए हर क्षेत्र में कौशलता को बढ़ावा देना होगा। इसी उद्देश्य ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में तैयार नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में कौशलता, रोजगारोन्मुखी और व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष फोकस किया है। भारत युवाओं का देश है। 65 प्रतिशत जनसंख्या युवाओं की है। युवाओं को रूचि अनुसार क्षेत्रों में कौशल प्रदान करके ही उद्यमिता में सत्त विकास की सम्भावनाओं को बढ़ाया जा सकता है।

राज्यपाल ने कहा कि हमारे देश में 93 प्रतिशत संख्या असंगठित मजदूरों की है, जिसके कारण मजदूर वर्ग सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने में वंचित रह जाता है। देश में कौशलता बढ़ाकर ही मजदूरों को संगठित क्षेत्रों से जोड़ा जा सकता है। विकसित देशों की बात की जाए तो अमेरिका की बासठ (62) प्रतिशत, इंग्लैंड की अड़सठ (68) प्रतिशत, जर्मनी की पिचहतर (75) प्रतिशत तथा जापान में अस्सी (80) प्रतिशत कुशल जनसंख्या है। भारत का यह आंकड़ा चौकाने वाला है। भारत में केवल 3.8 प्रतिशत ही कुशल जनसंख्या है।


उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में समग्र, भविष्योन्मुखी, रोजगारोन्मुखी एवम् कौशल विश्वविद्यालयों की परिकल्पना की गई है ये विश्वविद्यालय वास्तव में कौशलता के केंद्र होंगे। हरियाणा में तो ग्यारह सौ करोड़ रूपए की लागत से पलवल में विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की जा चुकी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में भी हरियाणा सरकार ने और आगे बढ़कर कार्य किया है। सरकार का दावा है कि दो हजार पच्चीस (2025) तक प्रदेश में पूर्ण रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होगी। सरकार ने अटल इनोवेशन मिशन व उन्नत भारत योजना जैसी स्कीम व एम.एस.एम.ई विभाग शुरू कर उद्यमियों को प्रोत्साहित करने का कार्य किया है। देश में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना शुरू की गई है। देश मंे इस योजना के तहत साढ़े पैत्तीस (35) करोड़ लोगों को 18 लाख करोड़ रूपए से भी अधिक श्रण सुविधाएं दी गई हैं। इस योजना के तहत हरियाणा में अब तक ईक्कीस (21) लाख लोगों को आर्थिक सहायता दी गई। इसी प्रकार से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत इस वर्ष के अन्त तक चालीस (40) करोड़ युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कौशलता प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। निश्चित रूप से इन योजनाओं कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणाम सामने आएगें।


देश में स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम उद्यमिता व नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कारगर सिद्ध हुआ है। आन्तरिक व्यापार एवं औद्योगिक विकास विभाग के आकड़ों के अनुसार वर्तमान में देश में पिचहतर (75) हजार से भी ज्यादा र्स्टाटअप हैं, जो चार सौ पचास अरब डालर की पूंजी का निर्माण करते हैं। इनमें अब तक दस लाख से भी अधिक रोजगार सृजित किए गए हैं। हमारे देश में गांव स्तर पर सूक्ष्म उद्यमिता को बढ़ाने के लिए महिलाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे लाने के लिए स्वंय सहायता समूहों की संख्या बढ़ा कर इन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करना होगा। हरियाणा में लगभग पचास हजार स्वयं सहायता समूहों से पांच लाख से भी अधिक परिवार जुड़े हुए हैं। हरियाणा सरकार द्वारा स्वयं सहायता समुहों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए इस वर्ष दो सौ करोड़ रूपए की राशि खर्च की गई।


राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को चाहिए कि वे विशेषज्ञों के सहयोग से महिलाओं को विभिन्न व्यवसायों का प्रशिक्षण देकर उनमें कौशल प्रतिभा विकसित करें। इससे निश्चित रूप से ग्रामीण क्षेत्र में नए उद्यमी सामने आएगें और उनका साहस बढ़ेगा। वर्तमान में हमें आवश्यकता आधारित, क्षेत्र आधारित, रोजगार उन्मुख कौशल प्रदान करना है। हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने कहा कि बगैर उद्यमिता के विकास के कोई भी देश आर्थिक तरक्की नहीं कर सकता है। उद्यमिता के विकास द्वारा ही कई आर्थिक, सामाजिक समस्याओं, जैसे-गरीबी, बेरोजगारी, धन की विषमता, कम उत्पादकता, निम्न जीवन-स्तर आदि से छुटकारा पाया जा सकता है। विश्व पटल पर भारत युवाओं का देश है। अभी देश में 37 करोड़ युवा की आबादी है जो हमारे लिए एक अमूल्य सम्पत्ति हैं जिन्हें जॉब सीकर न बनाकर जॉब प्रोवाइडर बनाना है।


प्रसिद्ध आर्थिक विशेषज्ञ व अ.भा. सहसंगठक स्वदेशी जागरण मंच के सतीश कुमार ने कहा कि उद्यमिता और स्वरोजगार के लिए हरियाणा सबसे उपयुक्त स्थान है। देश में  बेरोजगारी की समस्या  बढ़ने के साथ-साथ नकारात्मक प्रक्रिया भी बढ़ने लगी थी लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से देश उद्यमिता और स्वरोजगार की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहा है जिस प्रकार  5000 वर्ष गीता का उपदेश कुरुक्षेत्र की भूमि से भगवान कृष्ण ने दिया था आज इसी धरा से स्वदेशी और स्वावलम्बन का संदेश पूरे विश्व में पहंुचेगा। इस कार्य को देश की युवा शक्ति बखूबी करेगी। भारत ग्रामोद्योग और कृषि आधारित देश रहा है और सदियों से यहां के लोग स्वरोजगार के रूप में अपनी एक पहचान रखते थे।


कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा शक्ति वाला देश है। इस देश में 37 करोड़ आबादी युवा शक्ति की है। आज स्वरोजगार देश के लिए एक बड़ी चुनौती है। इस चुनौती को सरकार ने स्वीकार किया है और  देश को फिर से उद्यमिता और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे लाने के लिए योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मार्गदर्शन में विश्व उद्यमिता दिवस को लेकर 22 जिलों में 90 कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है जिससे युवा पीढ़ी को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा सके। एमएसएमई एक्सपर्ट कमल भोला ने भी अपने विचार व्यक्त किए। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अनिल वशिष्ठ ने सभी मेहमानों का आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर  सांसद नायब सैनी, विधायक सुभाष सुधा,  एनआईटी के निदेशक डॉ. बीवी रमनारेड्डी, तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. राजेश गोयल, उपायुक्त मुकुल कुमार, कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. मंजूला चौधरी, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. ब्रजेश साहनी, डॉ. महासिंह पूनिया, डीन, निदेशक, विभागाध्यक्ष सहित शिक्षक, कर्मचारी व विद्यार्थी मौजूद रहे।

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