20 हजार की बैटरियां चोरी होने के बदले कर्मचारियों से वसूला 45 हजार जुर्माना
कर्मचारियों को नहीं मिल रहा डीसी रेट से वेतन
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के पूर्व युवा प्रदेश अध्यक्ष एवं शिरोमणी अकाली दल (हरियाणा स्टेट) के वरिष्ठ नेता कवलजीत सिंह अजराना ने कहा कि हरियाणा के गुरुद्वारा साहिबान की सेवा संभाल मिलते ही उनकी प्राथमिकता चहुंमुखी विकास की है। इतना ही नहीं, सभी सिख संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को भी बिना किसी भेदभाव के सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए कवलजीत सिंह अजराना ने बताया कि उनके पास पिछले लंबे समय से मीरी पीरी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च शाहाबाद की प्रबंधन समिति द्वारा कर्मचारियों से किए जा रहे भेदभाव की शिकायतें आ रही हैं।
उन्होंने चेताया कि मीरी पीरी ट्रस्ट के पदाधिकारी कर्मचारियों के साथ ज्यादतियां बंद करें, वरना प्रबंध संभालते ही उनकी प्राथमिकता पिछले 8 वर्षों में मीरी पीरी संस्थान में हुए इनके कारनामों की जांच करवाने की होगी। उन्होंने बताया कि मीरी पीरी अस्पताल के जबरी हटाए गए एक सिक्योरटी गार्ड ने आज उन्हें कर्मचारियों पर की जा रही ज्यादतियों की विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कोरोनकाल से ही इस ट्रस्ट के सभी कर्मचारियों का वेतन 2 महीने लेट चल रहा है। हालात यह है कि जुलाई महीने का वेतन कर्मचारियों को 29 सितंबर को दिया गया है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के उप चेयरमैन रघुजीत सिंह और अन्य सभी एसजीपीसी सदस्य हमेशा बताते है कि यह संस्थान मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है, मगर यहां कर्मचारियों की क्या हालत है, यह कभी किसी ने नहीं बताया। कवलजीत सिंह अजराना ने मीरी पीरी संस्थान में कार्यरत सभी कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि गुरुद्वारा साहिबान की सेवा संभाल मिलते ही वे यहां के कर्मचारियों को सभी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध करवाएंगे।
20 हजार की बैटरियां चोरी होने के बदले कर्मचारियों से वसूला 45 हजार जुर्माना
कवलजीत सिंह अजराना के अनुसार पीड़ित सिक्योरिटी गार्ड अवतार सिंह ने उन्हें लिखित शिकायत में बताया कि पिछले दिनों रात के समय मीरी पीरी अस्पताल के एक जरनेटर से 20 हजार रुपए मूल्य की बैटरियां चोरी हो गई, उस समय इतने बड़े संस्थान में कुल 4 सिक्योरटी गार्ड ड्यूटी पर थे। अवतार ने बताया इस चोरी के बाद 3 सिक्योरटी गार्डो को सस्पेंड कर दिया गया और उसे टर्मिनेट कर दिया गया क्योंकि वह रेगुलर नहीं था। अवतार ने बताया कि एचएसजीएमसी के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उन तीनो सिक्योरटी गार्डो से 15-15 हजार रूपए जुर्माना राशि लेकर आज शुक्रवार को उन्हें बहाल कर दिया गया है, जबकि आर्मी से रिटायर्ड अवतार सिंह को अभी तक बहाल करने बारे में कोई बात नहीं की गई है। अजराना ने बताया कि हैरानी की बात यह है कि मात्र 20 हजार रुपए की बैटरियां चोरी हुई है और उसके बदले में 45 हजार रुपए जुर्माना वसूल लिया गया है। इसके बावजूद भी एक कर्मचारी को भेदभाव के चलते बहाल नहीं किया जा रहा है।
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कर्मचारियों को क्यों नहीं मिल रहा डीसी रेट :
अजराना ने बताया कि मीरी पीरी अस्पताल शायद देश का पहला ऐसा संस्थान है, जहां वेतन की अलग एवं विचित्र प्रथा चल रही है। उन्होंने बताया कि इस संस्थान में जितने भी कर्मचारी हरियाणा से है, उनको पहले कॉन्ट्रैक्ट पर 89 दिनों के लिए रखा जाता है और फिर 89 दिनों के बाद दुबारा फिर वही प्रक्रिया दोहराई जाती है। इतना ही नहीं, इन कर्मचारियों को बहुत ही न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है। हालांकि हर संस्थान को लेबर कोर्ट के यह निर्देश हैं कि वह अपने कर्मचारियों को न्यूनतम डीसी रेट से वेतन दे। मगर इस संस्थान ने अपने ही तरीके से कर्मचारियों को करीब आधे वेतन में रखा हुआ है। इस तरह चैरिटी संस्था होने का दावा करने वाला यह ट्रस्ट कर्मचारियों का जम कर शोषण कर रहा है।