केंद्र द्वारा जारी तीन कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ जनमत संग्रह होगा बरोदा का चुनाव परिणाम : अरोड़ा
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र, 20 अक्तूबर। बरोदा के विधानसभा उपचुनाव का परिणाम हरियाणा की राजनीति की नई दिशा और दशा तय करेगा। इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीद्वार भारी बहुमत से विजय प्राप्त करेगा और चुनाव परिणाम घोषित होते ही प्रदेश में भाजपा-जजपा सरकार की उल्टी गिनती शुरु होगी। यह दावा बरोदा में चुनाव प्रचार के लिए नियुक्त किए गए स्टार प्रचारक एवं पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने किया।
अशोक अरोड़ा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा किसान व्यापारी व मजदूर विरोधी तीन कानून बनाए जाने के पश्चात पंजाब व हरियाणा में यह विधानसभा का पहला उपचुनाव है। इस चुनाव में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करके बरोदा की जनता इन तीन काले कानूनों के खिलाफ जनमत संग्रह करेगी। उन्होने कहा कि पंजाब और हरियाणा में मंडी सिस्टम बहुत अधिक मजबूत है और केंद्र द्वारा बनाए गए इन तीन काले कानूनों का सबसे अधिक प्रभाव इन दोनों प्रदेशों के किसानों पर पडेगा।
मंडी सिस्टम खत्म होने से मंडी के बाहर किसानों को उनकी फसलों का एमएसपी नही मिलेगा क्योंकि इस कानून में मंडी से बाहर फसल बिकने पर एमएसपी की कोई गारंटी नही है। जिससे अडानी और अंबानी जैसे पंजीपतियों की बड़ी-बड़ी कंपनियां औने-पौने दाम पर किसानों की फसल खरीदकर जमा कर लेंगी और फिर कालाबाजारी में खाद्यान्न बिका करेगा।
इस प्रकार इन काले कानूनों का किसानों मंडी के आढ़तियों और मंडी मजदूरों पर कुप्रभाव पडऩे के साथ-साथ आम उपभोक्ता पर भी गहरा प्रभाव पडेगा। मंडी के खत्म होने से जहां आढती बेकार हो जाएंगें वहीं उनकी दुकानों पर काम करने वाले मुनीम और मंडी की लेबर को भी रोजी-रोटी के लाले पड जाएंगें।
अरोड़ा ने कहा कि आज पंजाब और हरियाणा समेत अनेक प्रदेशों के किसान इन काले कानूनों के विरोध में सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन भाजपा सरकार अहंकार में डुबी हुई है और अहंकारी का हमेशा नाश होता है। अरोड़ा ने कहा कि आज हरियाणा में किसान, व्यापारी, कर्मचारी मजदूर सहित सभी वर्ग इस सरकार से दुखी हैं। हालात यहां तक पहुंच चुके हैं कि भाजपा-जजपा के नेताओं को गांव में नही घुसने दिया जा रहा।
उन्होंने कहा कि बरोदा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की एकतरफा लहर चल पडी है। भाजपा प्रत्याशी अपनी जमानत भी नही बचा पाएगा। उन्होने कहा कि इस उपचुनाव का परिणाम आने के पश्चात हरियाणा में भाजपा-जजपा गठबंधन का जाना निश्चित है।