सांसद नायब सिंह ने राहुल की यात्रा पर कसे तंज, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से कांग्रेस भी नहीं जुड़ी
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी केवल अपनी सरकार के दौरान हुऐ घोटालों को जोडऩे के लिए ही भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे है। इस यात्रा से राहुल यह साबित कर रहे है कि भारत अलग अलग टुकड़ों में बंट हुआ है जबकि भारत कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक एक सूत्र में बंदा हुआ है। इस देश की 562 रियासतों को जोडऩे का काम बल्लभ भाई पटेल द्वारा किया गया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की एक जूटता को मजबूती प्रदान की है। इस यात्रा को भारत जोड़ो नहीं अपितु भारत घोटालो को उजागर यात्रा के रुप में माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश पर लगभग 5 साल तक राज करने का काम किया है। इस दौरान कांग्रेस ने देश में भारत जोडों जैसी यात्रा निकालने और देश को मजूबत करने का काम नहीं किया। इस सरकार ने अपने कार्यकाल में हजारों करोड़ों रुपए के घोटाले करने काम किया 2013 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल पर इतालवी चॉपर कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से कमीशन लेने के आरोप लगे जिनमें अगस्ता वेस्टलैंड से भारत को 36 अरब रुपए के सौदे के तहत 12 हेलिकॉप्टर खऱीदने थे,इतालवी कोर्ट में रखे गए 15 मार्च 2008 के एक नोट में इशारा किया गया था कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया इस वीआईपी चॉपर खऱीद के पीछे अहम भूमिका निभा रही थीं।
उन्होंने कहा कि 2012 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पत्नी सोनिया गांधी और उनके दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ़ से 65 करोड़ का ब्याजमुक्त लोन लेने का आरोप लगा. ये आरोप भी लगे कि इस बिना ब्याज पैसे की अदायगी के पीछे कंपनी को राजनीतिक फ़ायदा पहुँचाना मक़सद था. यह भी कहा गया कि इस दौरान केंद्र में कांग्रेस सरकार के रहते रॉबर्ट वाड्रा ने देश के कई हिस्सों में बेहद कम क़ीमतों पर ज़मीनें खऱीदीं। कांग्रेस के पैसे से एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड नाम की कंपनी 1938 में बनी और तीन अख़बार चलाती थी- नेशनल हेरल्ड, नवजीवन और क़ौमी आवाज़. एक अप्रैल 2008 को ये अख़बार बंद हो गए, मार्च 2011 में सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी ने यंग इंडिया लिमिटेड नाम की कंपनी खोली, जिसमें दोनों की 38-38 फ़ीसदी हिस्सेदारी थी. कंपनी को खड़ा करने का मक़सद एजेएल पर मौजूद 90.21 करोड़ रुपए की देनदारियां उतारना था।
सांसद ने कहा कि पार्टी ने हेरल्ड हाउस में एक करोड़ रुपया और लगाया जो कभी एजेएल के पास होता था. इस मामले में सोनिया और राहुल के ख़िलाफ़ सुब्रमण्यम स्वामी अदालत गए और संपत्ति के बेजा इस्तेमाल का केस दर्ज कराया। इस घोटाले ने 1980 और 1990 के दशक में गांधी परिवार और ख़ासकर तब प्रधानमंत्री रहे राजीव गांधी की छवि को गहरा धक्का पहुँचाया,आरोप थे कि स्वीडन की तोप बनाने वाली कंपनी बोफ़ोर्स ने कमीशन के बतौर 64 करोड़ रुपए राजीव गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं को दिए थे ताकि वो भारतीय सेना को अपनी 155 एमएम हॉविट्जऱ तोपें बेच सके। बाद में सोनिया गांधी पर भी बोफ़ोर्स तोप सौदे के मामले में आरोप लगे जब सौदे में बिचौलिया बने इतालवी कारोबारी और गांधी परिवार के कऱीबी ओतावियो क्वात्रोकी अर्जेंटिना चले गए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में पनडुब्बी,बिटुमेन घोटाला,तांसी भूमि का सौदा,प्रतिभूति घोटाला, जेएमएम रिश्वत कांड, सेंट किट्स केस,यूरिया घोटाला,सीआरबी घोटाला,अनंतनाग परिवहन घोटाला,1971 नगरवाला घोटाला,खाद्यान्न घोटाला,चुरहट लॉटरी घोटाला,बोफोर्स स्कैंडल (1990),पशुपालन मामला (1990),बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज फ्रॉड, हवाला कांड (1993),बैंगलोर-मैसूर कॉरिडोर (1995),सुख राम (1996),बिहार में चारा घोटाला (1996),केरल एसएनसी लवलीन बिजली घोटाला (97),गृह व्यापार,केतन पारेख स्कैंडल,बराक मिसाइल,सौदा घोटाला,तहलका स्कैंडल (2001),यूटीआई स्कैम,ताज कॉरिडोर मामला (2002-2003),तेलगी कांड (2003),सॉफ्टवेयर,आईपीओ स्कैम- कार्वी,तेल के लिए भोजन कार्यक्रम घोटाला (नटवर) (05),मानव तस्करी घोटाला (बाबूभाई कटारा),कैश-फॉर-वोट कांड,सत्यम कांड, 2 जी स्पेक्ट्रम- 2008,मधु कोड़ा, मनी लॉन्ड्रिंग 4000 करोड़,नरेगा घोटाला,राष्ट्रमंडल खेलों घोटाला, आदर्श घोटाला, मूंदड़ा स्कैंडल-1951,कलकत्ता के उद्योगपति हरिदास मूंदड़ा को आज़ाद भारत के पहले ऐसे घोटाले के बतौर याद किया जाता है जिसे तब प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से जोडक़र देखा गया. 1957 में मूंदड़ा ने सरकारी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी के ज़रिए अपनी छह कंपनियों में 12 करोड़ 40 लाख रुपए का निवेश कराया।
सांसद ने कहा कि यह निवेश सरकारी दबाव में एलआईसी की इन्वेस्टमेंट कमेटी की अनदेखी करके किया गया. जब तक एलआईसी को पता चला उसे कई करोड़ का नुक़सान हो चुका था। इस केस को प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के दामाद फिऱोज़ गांधी ने उजागर किया, जिसे नेहरू ख़ामोशी से निपटाना चाहते थे क्योंकि इससे देश की छवि खराब होती थी. नेहरू ने अपने वित्तमंत्री टीटी कृष्णामाचारी को बचाने की कोशिश भी कीं, मगर आखऱिकार उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा। इस प्रकार कांग्रेस के राज में अनेकों घोटाले हुए। इन घोटालों की दुहाई देने के लिए राहुल गांधी यात्रा निकाल रहे है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज में किसानों को उच्चे दामों पर डीएपी उपलब्ध करवाई गई, इस सरकार ने उच्च दरों पर खाद किसानों देने काम किया जबकि भाजपा सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 2400 रुपए कीमत होने के बाद भी किसानों को 1200 रुपए की दर पर खाद उपलब्ध करवाई गई है। इतना ही नहीं कांग्रेस सरकार ने किसानों को एमएसपी देने के लिए स्वामीनाथान आयोग का गठन किया गया, लेकिन कांग्रेस ने इस आयोग की रिपोर्ट को लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों के लिए रिपोर्ट को लागू करने का काम किया। इस पर बकायदा स्वामीनाथन ने ट्वीट करके भाजपा सरकार की सराहना करने का काम किया। इसके अलावा हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किसानों की 14 फसलों पर एमएसपी देने का काम किया है। कांग्रेस ने हमेशा नागरिकों की झूठ के बले पर वोट हथियाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने हर वर्ग के लिए जन कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने का काम किया है। इस बार भारत को जी 20 को नेतृत्व करने का मौका मिला है। इसके साथ देश व प्रदेश से भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए पार्दशी प्रणाली को लागू करने का काम किया है। इस सरकार ने प्रधानमंत्री किसान स्मृदि योजना, अन्तोदय योजना, प्रधान मंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई),जन-धन से जन सुरक्षा,प्रधानमंत्री जीवन ज्योजति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई),प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) ,अटल पेंशन योजना (एपीवाई),प्रधानमंत्री मुद्रा योजना,स्टैंंड अप इंडिया योजना सहित अनेकों योजनाओं को लागू करके लोगों के जीवन को सहज करने का काम किया। इस मौके पर विधायक सुभाष सुधा उपस्थित थे।