प्राचीन श्री दुर्गा माता मंदिर में हुआ हवन और भंडारा
पूर्णिमा एवं हनुमान जन्मोत्सव पर वह विशेष आयोजन
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। पूर्णिमा एवं हनुमान जन्मोत्सव पर ब्रह्मसरोवर तट स्थित प्राचीन श्री दुर्गा माता एवं राधा कृष्ण मंदिर में हवन और भंडारा किया गया। पंडित तुषार गौड़, अारुष गौड़ और अभिषेक शर्मा ने सबसे पहले मां की पूजा करवाई। इसके बाद मुख्य यजमान वीरभान, गौरव जोशी, अशोक जोशी, अरुण जोशी, विजय जोशी, अरुण जोशी ने सपरिवार हवन में आहुति डाली। इसके बाद मां दुर्गा और हनुमान जी की विशेष आरती की गई। भंडारा शुरू करने से पहले मां दुर्गा और हनुमान जी को जलेबी, पूड़ी व छोले का भोग लगाया गया। पंडित कृष्ण कुमार और सरवन ने यजमान को मां की चुन्नरी ओढ़ाकर सम्मानित किया।
मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित तुषार गौड़ ने बताया कि चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन चैत्र पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। चैत्र माह की पूर्णिमा नए वर्ष की पहली पूर्णिमा होती है। धार्मिक मान्यताएं हैं कि चैत्र पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की उपासना करने से धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि भी आती है। हिंदू धर्म में चैत्र पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसी दिन भगवान हनुमान जी का जन्म उत्सव मनाया जाता है।
कोषाध्यक्ष पंडित अभिषेक शर्मा ने बताया कि पूर्णिमा के दिन तीर्थ और धार्मिक स्थान पर भोजन कराने वाले को विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन श्रद्धालु मन में जिस भी मनोकामना सिद्ध करने हेतु पूजा और भंडारा करता है उसकी वह मनोकामना पूर्ण होती है। इस अवसर पर दानवीर, उपकार, आरुषि, विपिन मिश्रा, गोपाल, राघव कोशिक मौजूद रहे।
भंडारे में दिया स्वच्छता का संदेश
भंडारे में समिति की ओर से स्वच्छता का संदेश भी दिया गया। श्रद्धालुओं को पत्तों की पत्तल और कागज की प्लेटों का ही प्रयोग किया गया। पंडित आरुष गौड़ ने बताया कि मंदिर में आयोजन को लेकर विशेष तौर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता अभियान का ख्याल रखा जाता है।