गुणवत्तापरक शिक्षा के क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर बने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की पहचानः कुलपति
अध्ययन व अध्यापन के लिए बने विश्वविद्यालय में वातावरण, करेंगे मिलकर प्रयासः कुलपति
डिजीटलाइजेशन पर रहेगा फोकस, छात्र-छात्राओं को मिले सभी सुविधाएं करेंगे प्रयास : कुलपति
आर्यन/न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र, 10 नवंबर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान(एनआईटी), कुरुक्षेत्र के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के 38वें कुलपति के रूप में विधिवत रूप से अपना कार्यभार ग्रहण किया। विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नीता खन्ना, डॉ. भगवान सिंह चौधरी व अन्य अधिकारियों ने उनका विश्वविद्यालय में पहुंचने पर स्वागत व अभिनंदन किया।
इस नियुक्ति के लिए कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य व यशस्वी मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विशेष आभार प्रकट किया। उन्होंने सरस्वती वंदना व गायंत्री मंत्र का उच्चारण करते हुए कुलपति का पदभार ग्रहण किया। इस मौके पर उनकी धर्मपत्नी डॉ. ममता सचदेवा, उनके सुपुत्र हार्दिक एवं हर्षित, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बलदेव कुमार, कुवि के पूर्व कुलसचिव डॉ. प्रवीन कुमार सैनी सहित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), कुरुक्षेत्र के अधिकारी एवं पारिवारिक मित्र भी उनके साथ थे।
कुरुक्षेत्र के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रो. सोम नाथ सचदेवा का प्रशासनिक, शैक्षणिक और शोध के क्षेत्र में 33 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से वर्ष 2004 में सिविल इंजीनियरिंग में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कालेज चंडीगढ से 1987 में मास्टर आफ इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की तथा 1985 में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से सिविल बीएससी इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त की व हरियाणा बोर्ड से 1979 में कक्षा 10वीं में प्रदेश में 10वां स्थान प्राप्त किया।
प्रो. सोम नाथ सचदेवा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), कुरुक्षेत्र में चीफ वार्डन, स्टूडेंट क्लब के प्रधान, पब्लिक ग्रिवेंस रिडरेसल मशीनरी के निदेशक, वार्डन, परीक्षा शाखा के प्रोफेसर इंचार्ज, एनसीसी आफिसर के पद पर कार्य कर चुके हैं। प्रो. सोम नाथ सचदेवा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कोर्ट के सदस्य, गुरूग्राम विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद के सदस्य, एनबीए के एक्सपर्ट सदस्य रह चुके हैं। विभिन्न प्रशासनिक, अकादमिक पदों पर काम करने का उनका लम्बा अनुभव है। आपने 70 से अधिक शोधार्थियों को पीएचडी व एमटेक के लिए गाईड किया है। आपकी कई पुस्तके व 100 से अधिक राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय रिसर्च पेपर भी प्रकाशित हो चुके हैं। आपको हरियाणा के मुख्यमंत्री व राज्यपाल द्वारा विभिन्न सामाजिक कार्यो में योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति के रुप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद बोलते हुए कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक दृष्टि से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की एक पहचान बनें इसके लिए वे सभी के साथ मिलकर काम करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर नई शिक्षा नीति को जल्द से जल्द विश्वविद्यालय में लागू करने का प्रयास किया जाएगा। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शैक्षिक क्षेत्र में भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाना है और भारत के लिए नई शैक्षिक नीतियां के माध्यम से संपूर्ण भारत में शिक्षा का उचित स्तर प्रदान करना है जिससे शैक्षिक क्षेत्र की गुणवत्ता उच्च हो सके। भारत में बच्चों को तकनीकी तथा रचनात्मकता के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता का महत्व से अवगत कराना नई शिक्षा नीति का उद्देश्य है जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके
उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय हरियाणा का सबसे पुराना, बड़ा व समृद्ध विश्वविद्यालय है। इसकी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी एक पहचान है। विश्वविद्यालय की पहचान गुणवतापरक शिक्षा की दृष्टि से अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र में इस दिशा में काम करने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय में विद्यार्थी सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। उनकी पहली प्राथमिकता अध्ययन व अध्यापन होगी। अध्ययन व अध्यापन से ही किसी विश्वविद्यालय की पहचान होती हैं। इसलिए उनका प्रयास होगा कि विश्वविद्यालय मे ऐसा अकादमिक वातावरण बनें जिसमें विद्यार्थी बेहतरीन प्रोफेशनल बनकर देश व समाज के विकास में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।
विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को हर तरह की सुविधाएं मिलें, इसके लिए हर संभव प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कामकाज की गति को बढ़ाने व विद्यार्थियों को सुविधाएं सही समय पर मिलें, इसके लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों को डिजिटलाइजेशन की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। विश्वविद्यालय की परीक्षा शाखा सहित सभी विभागों में नवीन सूचना संचार तकनीक का बेहतर तरीके से प्रयोग कर विश्वविद्यालय के डिजीटिलाइज़ेशन की दिशा में प्रयास करेंगे।
हरियाणा प्रदेश का सबसे पुराना व प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय होने के कारण शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलाव में भी विश्वविद्यालय एक नेतृत्व देने वाला संस्थान बने। इस भूमिका का निर्वाह करते हुए विश्वविद्यालय को शोध व शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता का केन्द्र (सेंटर ऑफ एक्सिलेंस) बनाने की योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्तर की सभी मानक एजेंसियों की उत्कृष्टता के पैमाने पर खरा उतरा है जिसके कारण उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इसकी ख्याति बढ़ी है। नैक के मूल्यांकन के बाद विश्वविद्यालय को ए-प्लस ग्रेड प्राप्त हुआ। हरियाणा प्रदेश का पहला ए-प्लस ग्रेड विश्वविद्यालय बनने के बाद, राष्ट्रीय स्तर पर इसकी क्षमताओं को पहचानते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से स्वायत्तता प्राप्त विश्वविद्यालयों की राज्य विश्वविद्यालयों की सूची में इसे आठवां स्थान प्राप्त हुआ है।
यह विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, खेल, कला, संस्कृति सहित सभी क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य कर रहा है। यह विश्वविद्यालय ओर आगे बढ़े, राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर इसकी एक अलग पहचान बनें इसके लिए वे विद्यार्थी, शिक्षक एवं सभी गैर-शिक्षक कर्मचारियों के साथ मिलकर काम करेंगे। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अपार संभावनाएं हैं, इन संभावनाओं का सही दिशा में प्रयोग किया जाना जरूरी है। शोध व शिक्षण के क्षेत्र में विश्वविद्यालय आगे बढ़े इसके लिए ख्याति प्राप्त शिक्षाविदों को विश्वविद्यालय से जोडऩे का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता के लिए वे सभी अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद विश्वविद्यालय व छात्र हित में फैसले लेंगे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. मंजूला चौधरी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अनिल वशिष्ठ, डीन आफ कॉलेजिज़ प्रो. अनिल वोहरा, निदेशक जनसम्पर्क विभाग प्रो. ब्रजेश साहनी, उप-निदेशक डॉ. दीपक राय बब्बर, परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुक्म सिह, कुटा प्रधान डॉ. परमेश कुमार, डॉ. अंकेश्वर प्रकाश व कुलपति के ओएसडी राजकुमार सरदाना, वित्त अधिकारी डॉ. हरजीत सिंह, डॉ. प्रीतम सिंह, सहित भारी संख्या में शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारी उपस्थित मौजूद थे । इस मौके पर कई अन्य गणमान्य लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दी।
बातचीत कर तय करेंगे प्राथमिकताएं
नवनियुक्त कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने कहा कि वे विश्वविद्यालय में छात्रों, शिक्षकों व गैर-शिक्षकों कर्मचारियों के साथ बातचीत करने के बाद विश्वविद्यालय के लिए अपनी प्राथमिकताएं तय करेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का हर क्षेत्र में विकास हो इसके लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे।
कुलपति ने अधिकारियों से की चर्चा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति ने मंगलवार को विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ अपनी बैठक में विश्वविद्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुददों पर चर्चा की। इस मौके पर उन्होंने अपने अनुभवों को सांझा किए ओर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों को जानने का प्रयास किया।