न्यूज़ डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र । श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय में सोमवार को गुरु पूर्णिमा उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आयुष विवि के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने भगवान धन्वंतरि की पूजा अर्चना कर उन्हें पुष्प अर्पित किए। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने गुरु पूर्णिमा की विश्वविद्यालय परिवार को शुभकामनाएं दी। कुलसचिव डॉ. नरेश भार्वग ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा उत्सव आषाढ़ मास की पूर्णिमा को महर्षि वेदव्यास के जन्म के अवसर पर पूरे देशभर में मनाई जाती है। भगवान वेद व्यास अष्ट चिरंजीवियों में से एक मान जाते हैं। अर्थात इनकी कभी मृत्यु नहीं होगी, कभी वृद्ध नहीं होंगे और हर युग में जीवित रहेंगे। महर्षि वेद व्यास ने ही चारों वेदों की रचना की। इसलिए उनका नाम वेद व्यास पड़ा। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर लोग गुरु का पूजन करते हैं जो हमारे देश की समृद्ध परंपरा है। गुरु अपने शिष्यों की हर मुश्किल पड़ाव पर सहायता करते हैं और उसे त्रुटियों को दोहराने से बचाते हैं। इसलिए गुरु को परमात्मा से भी सर्वोच्च स्थान दिया गया है। गुरु के द्वारा बताए मार्ग पर चलकर ही मनुष्य अंधकार से प्रकाश की ओर चलता है जो हमारे अंदर अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाकर ज्ञान रूपी दीपक जलाता है। वहीं सहायक कुलसचिव अतुल गोयल ने गुरु का महत्व बताते हुए कहा कि सभी जाति, मत और पंथ में गुरु पूर्णिमा उत्सव एक महोत्सव के रूप में मनाया जाता है। व्यक्ति के जन्म के बाद पहला गुरु माँ होती है। उसके बाद विद्यालय में उसके शिक्षक और सांसारिक ज्ञान मनुष्य को समाज रूपी संस्था से मिलता है। यानी जीवन के हर पड़ाव में गुरु की मनुष्य को आवश्यकता होती है। इसलिए गुरु को तारणहार कहा गया है। उन्होंने कहा कि इस पूर्णिमा पर सभी को सद्बुद्धि प्राप्त हो सभी के ज्ञान में वृद्धि हो ऐसी प्रभु से प्रार्थना है। वहीं नव नियुक्त डिप्टी डायरेक्टर ऑडिट सतीश कुमार और ऑडिटर प्रमोद कुमार का कुलसचिव महोदय द्वारा स्वागत व अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर सहायक कुलसचिव विकास शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर ऑडिट सतीश कुमार, एफो सत्यनारायण शर्मा, आरएसए धर्मवीर, सीनियर अकाउंट ओफिसर जगमोहन, ओडिटर प्रमोद कुमार, रामनिवास, रामकुमार चौहान, विनोद राणा, प्रदीप कुमार, सुरेश कुमार आदि मौजूद रहे।