
न्यूज डेक्स संवाददाता
रेवाड़ी। आजाद हिंद फौज के शहीद एवं गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के हक की लड़ाई लड़ रहे लंबे समय से लड़ रहे श्रीभगवान फौगाट ने मांग रखी है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल को अपने जन संवाद कार्यक्रमों के दौरान इस समस्या को भी सुन कर हल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्य सचिव सभी जिला उपायुक्तों को स्वतंत्रता सेनानियों के केसों की फाइल भेजने के लिए कह चुके हैं,लेकिन आज तक इन पर कोई काम नहीं हुआ। उन्होंने मुख्य सचिव द्वारा भेजे के पत्रों को मीडिया से साझा करते हुए बताया कि संस्कृति मंत्रालय के राष्ट्रीय अभिलेखागार से मिले रिकॉर्ड आजाद हिंद फौज नामिनल रोल के आधार पर राज्य सैनिकों और शहीद सैनिकों को स्वतंत्रता सेनानी दर्जा देने के लिए केस फाइल करने संबंधी छह वर्षों से पांच बार सभी जिला कलेक्टरों को पत्र मुख्य सचिव स्वतंत्रता सेनानी विभाग द्वारा लिख चुके हैं।फौगाट के मुताबिक हाल ही में 7 जुलाई 2023 को भी लिखा गया है एवं जिला कष्ट निवारण कमेटी के सामने पुनः बार बार फिर से इस विषय में पक्ष रखा जा चुका है। उन्होंने बताया कि सीएम विंडो पर भी इस संदर्भ में शिक़ायतें भेजी जा चुकी है, लेकिन कोई परिणाम सामने नहीं आया है, जबकि परिवारों तक रिकॉर्ड भी नहीं पहुंच पा रहा है। हरियाणा के भी ऐसे कई गुमनाम एवं अमर शहीद सैनिक है। यदि संबंधित क्षेत्रों के राजनेता, सामाजिक संगठन, प्रशासनिक अधिकारी,आम जनता से मानवीय आधार पर मुख्यमंत्री के सामने जनसंवाद कार्यक्रम में नेता जी सुभाष चन्द्र बोस कि सेना में रहें गुमनाम सैनिकों को स्वतंत्रता सेनानी दर्जा देने का पक्ष रखने का समय एक मिनट दिलाकर अतिमहत्वपूर्ण मदद करें तो बेहतर होगा। श्रीभगवान फौगाट ने यह भी बताया कि यदि ऐसे सैनिकों को स्वतंत्रता सेनानी दर्जा दिलाने में सफल रहे तो निश्चित रूप से वह अन्य राज्यों के भी ऐसे सैनिकों का रिकॉर्ड ढुंढने का भी हर संभव प्रयास करेंगे ।