

अमित शाह ने विश्व प्रसिद्ध रामेश्वरम मंदिर में पूजा अर्चना भी की
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है इसे सिद्ध करने का काम किया है
राष्ट्रपति के तौर पर डॉ. कलाम ने कुछ ऐसे उदाहरण स्थापित किए जो अनेक वर्षों तक सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों के लिए अनुकरणीय हैं
न्यूज डेक्स इंडिया
दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज रामेश्वरम में विश्व प्रसिद्ध रामेश्वरम मंदिर में पूजा अर्चना भी की और ‘Dr APJ Abdul Kalam: Memories Never Die’ पुस्तक का विमोचन किया। गृह मंत्री ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम हाउस, मिशन ऑफ लाइफ़ गेलरी म्यूज़ियम और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल मेमोरियल का दौरा किया। साथ ही वे विवेकानंद मेमोरियल भी गए।अमित शाह ने विश्व प्रसिद्ध रामेश्वरम मंदिर में पूजा अर्चना भी की। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि रामेश्वरम मंदिर सनातन संस्कृति की प्राचीनता और वैभव का अक्षुण्ण प्रतीक है। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री रामेश्वरम में प्रभु श्री राम ने भगवान शिव की पूजा की थी। आज ‘आदि थिरुविजहा’ के शुभ अवसर पर यहाँ दर्शन कर अत्यंत सुखद व परम सौभाग्य की अनुभूति हो रही है। भोलेनाथ से देशवासियों की खुशहाली और राष्ट्र की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। ‘Dr APJ Abdul Kalam: Memories Never Die’ पुस्तक के विमोचन के अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल मुरुगन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि ‘Dr APJ Abdul Kalam: Memories Never Die’ पुस्तक के विमोचन से देशभर के लोगों को निश्चित रूप से डॉ. कलाम को जानने, समझने व उनका अनुसरण करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में भारतीय रॉकेटरी,साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का इतिहास, भारतीय राजनीति तथा प्रशासनिक प्रणाली का सुंदर निरूपण और डॉ. कलाम की इच्छाओं और उनकी कल्पनाओं से जुड़ी हुए कई घटनाओं का वर्णन समाहित है। इस पुस्तक में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जी से जुड़ी हुई घटनाओं का संपूर्ण वर्णन है।