सांप्रदायिक हिंसा के जिम्मेदार अपराधियों को गिरफ्तार करो
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। जन संघर्ष मंच की प्रदेश कमेटी की की महासचिव सुदेश कुमारी एढवोकेट ने कहा कि हरियाणा में कल 31 जुलाई के दिन नूंह जिले तथा आसपास लगते अन्य जिलों के विभिन्न स्थानों- गुरुग्राम, पलवल, बहादुरगढ़, आदि की जनता को प्रायोजित तरीके से सांप्रदायिक हिंसा की आग में झोंक दिया गया है। इसमें कई जानें जा चुकी हैं और कई घायल हैं। सरकारी व गैर सरकारी वाहन जला दिए गए हैं। जन संघर्ष मंच हरियाणा नूंह में घटी इस साम्प्रदायिक हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा करता है। यह साम्प्रदायिक हिंसा अचानक नहीं हुई है, यह भाजपा-संघ परिवार की घृणित राजनीति का परिणाम है। पहली बात राजस्थान से दो युवा मुस्लिमों के अपहरण और उन्हें एक बोलेरो गाड़ी में जिंदा जलाकर मार देने वाले मुख्य अभियुक्त बजरंग दल के तथाकथित गौ रक्षा प्रमुख मोनू मानेसर जो हत्या के केस में पुलिस द्वारा वांछित हैं, की गत कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वीडियो चल रही है। वह इस वीडियो में कह रहा है कि वह विश्व हिन्दू परिषद की रैली व बृज मंडल यात्रा में खुद व उसकी टीम भाग लेगी।
यह वीडियो आने के बाद स्थानीय लोग मोनू मानेसर और उसकी टीम के सदस्यों का इस यात्रा में शामिल होने का विरोध कर रहे थे क्योंकि इससे आपसी भाईचारा समाप्त होने का खतरा पैदा होना लाजमी था।इसी प्रकार के और भी वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाए गए ताकि तनाव का माहौल पैदा हो सके। बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा में जानबूझकर यह अफवाह फैलाई गई कि मोनू मानेसर इस यात्रा में शामिल है। जब बाद दोपहर यात्रा मुस्लिम बहुल इलाके नूह चौंक पर पहुंची तब अफवाह फैलाई गई कि इन आधा दर्जन के करीब काली स्पोर्ट्स यूटिलिटी गाड़ियों में से किसी एक गाड़ी में मोनू मानेसर है। इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ गया।
दूसरी बात यह कि प्रदेश सरकार, पुलिस व सीआईडी के पास साम्प्रदायिक तनाव बढ़ने की सूचनाएं थीं फिर भी प्रशासन ने विश्व हिन्दू परिषद को धार्मिक कट्टरता व अन्य धर्मों के अनुयायियों के खिलाफ नफरत फैलाने के उद्देश्य से की जा रही इस यात्रा को मुस्लिम बहुल इलाके से गुजारने की इजाजत क्यों दी। यात्रा के समय पर्याप्त पुलिस बल तैनात क्यों नहीं किया? अनेक स्थनीय जागरूक लोगों द्वारा भी इस घटना के बारे में कहा गया है कि भाजपा काफी दिनों से इस प्रकार के दंगे भड़काने के प्रयास में जुटी हुई थी कई दिनों से वीडियो पर इसका प्रचार किया जा रहा था। स्पष्ट है कि प्रशासन द्वारा इस यात्रा को इस क्षेत्र से गुजारना एक प्रायोजित षड्यंत्र का हिस्सा नजर आता है। आज भाजपा सरकार जो लोगों की जिंदगी से जुड़े मुद्दों को हल करने में नाकाम रही है एक बार फिर देश प्रदेश की जनता को सांप्रदायिकता की आग में झोंक कर अपनी चुनावी वैतरणी पार करना चाहती है। ऐसी घृणित राजनीति का हम कड़ा विरोध करते हैं।
साम्प्रदायिक हिंसा रोकने में नाकाम हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज कह रहे हैं कि इस हिंसा के फैलाने के लिए पुलिस द्वारा वांछित हत्या का अभियुक्त मोनू मानेसर जिम्मेदार नहीं है। इसके पीछे कोई साजिश है। साजिश तो है और वह साजिश संघ परिवार-भाजपा की है। पहले मोनू मानेसर कहता है कि मैं व मेरी टीम विश्व हिन्दू परिषद की रैली व इस यात्रा में भाग लेगी, हिंसा के बाद में कहता है कि मुझे तो भाग लेने से विश्व हिन्दू परिषद ने रोक दिया है। एक अपराधी जो सरेआम वीडियो बनाकर खुला घूमे, विश्व हिन्दू परिषद के नेताओं से उसकी बात हो रही हो और पुलिस उसे गिरफ्तार न कर सके, यही सब कुछ साजिश की ओर इशारा करता है कि साजिश किसकी है, अफवाहें कैसे फैली हैं। गृह मंत्री को इस पर जबाब देना चाहिए।
अतः जन संघर्ष मंच हरियाणा नूंह और मेवात क्षेत्र की सारी जनता से अपील करता है कि वह अमन व आपसी भाईचारा बनाए रखें और भाजपा-संघ परिवार की कट्टर हिंदुत्ववादी घृणित राजनीति को समझें और एक होकर इन काली ताकतों की मन्शा को परास्त करें। कट्टर सांप्रदायिक नेताओं के बहकावे में न आएं। सांप्रदायिक मुद्दों में न उलझ कर महंगाई,,बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, जुल्म शोषण, अत्याचार जैसे गंभीर मुद्दों पर लोगों को एकजुट करते हुए मेहनतकश वर्ग की राजनीति को आगे बढ़ाएं। याद रखें कि देश में दो ही वर्ग हैं शोषित पीडित मेहनतकश वर्ग और दूसरा लूटेरा शोषक पूंजीपति वर्ग, सांप्रदायिक हिंसा की आग में पूंजीपति व उसके बड़े नेता राजनैतिक फायदा उठाते हैं और जनता आपस में कट मरती है।
जन संघर्ष मंच हरियाणा सरकार से मांग करता है कि
1) नूंह और मेवात क्षेत्र में साम्प्रदायिक दंगे फैलाने के जिम्मेदार सभी दोषियों और अफ़वाहें फ़ैलाकर जनता को भड़काने वाले साम्प्रदायिक तत्त्वों की पहचान करके उन्हें तुरन्त गिरफ्तार किया जाए।
2) दंगे में फंसे आम लोगों को तत्काल सुरक्षित निकाला जाये और लोगों के जान-माल की रक्षा की जाए।
3) हत्या आरोपी मोनू मानेसर और उसकी गुंडा टीम को तुरंत गिरफ़्तार किया जाए।
इस सांप्रदायिक हिंसा में पीड़ित लोगों के हुए जान-माल के नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।