न्यूज डेक्स महाराष्ट्र
मुंबई। आजाद भारत में भी ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की याद में शांति मार्च निकालने से पहले महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी मुंबई हिरासत में ले लिये गए है। तुषार गांधी को मुंबई पुलिस सांता क्रूज थाना लेकर गई है। तुषार गांधी पैदल मार्च के लिए अगस्त क्रांति मैदान जा रहे थे,मगर उन्हें पहले ही मुंबई पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इधर इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर # तुषार गांधी हिरासत_में ट्रेंडिंग में है। इस कार्रवाई के साथ तुषार गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि वे अगस्त क्रांति मैदान जाने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञा हैं। पुलिस जब भी उन्हें छोड़ेगी वे वहां जरूर जाएंगे। उन्होंने लिखा है कि प्रसंगवश: आज की ही तारीख में 9 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी को अंग्रेजों ने बिरला हाउस मुंबई से गिरफ्तार किया था।
जाहिर है कि स्वतंत्रता आंदोलन की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक भारत छोड़ो आंदोलन 8 अगस्त 1942 को शुरू हुआ था,जिसकी शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने मुंबई में करो या मरो के नारे से की थी।उस भाषण के बाद पूरे भारत वर्ष के कोने कोने से लोग इस आंदोलन से जुड़े थे। हालांकि वो दौर था दूसरे विश्व युद्ध का। उस युद्ध में उलझे इंग्लैंड को भारत में इस तरह का बड़ा आंदोलन खड़ा होने ब्रिटिश हुकूमत पूरी तरह। से हिल गई थी। हालांकि पूरा आंदोलन अहिंसा और अनुशासन के चलाने की बात कहीं छूट गई और कांग्रेसियों और भारतीयों ने कई जगहों पर तोड़फोड़ और अंग्रेजों के प्रति अपने अंदर छुपे तगड़े गुस्से का इजहार इस आंदोलन के दौरान बीच में जारी रखा। अंग्रेंजों ने इस आंदोलन को अपनी पुराने क्रूर अंदाज में दबाने का भरसक प्रयास करते हुए नेताओं को गिरफ्तार करने और कांग्रेसियों के दफ्तरों में छापेमारी करने के साथ हर हत्थकंडे अपनाते हुए इन्हें आर्थिक रुप से कमजोर करने का पुरजोर प्रयास किया।
अंग्रेजों ने भारतीयों की इस करवट और आक्रामक उफान के लिए महात्मा गांधी को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके सहित तमाम प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार कर जेल की कोठरी में डाल दिया था। इस आंदोलन में करीब एक हजार भारतीयों की मृत्यु हो गई थी,जबकि 60 हजार से ज्यादा गिरफ्तार हुए थे।