नाटक में एक चोर की इंसानियत को दिखाया गया
न्यूज डेक्स संवाददाता
रोहतक। हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स, पठानिया वर्ल्ड कैंपस और स्वतंत्र मंच रोहतक के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को पॉप स्टूडियो में लगातार दूसरे सप्ताह आधी रात के बाद नाटक का मंचन हुआ। इस बार इस नाटक का मंचन सिफ़र थियेटर अमृतसर की टीम ने किया। शंकर शेष द्वारा लिखित इस चर्चित नाटक का निर्देशन विशाल शर्मा ने किया। नाटक में एक चोर एक जज के घर चोरी करने जाता है। चोरी करके भागने की बजाय चोर ने जज को एक केस की कहानी सुनाई, पुलिस को बुलवा कर केस से जुड़े सबूत दिए और अगले दिन जज जो फैसला सुनाने वाला था, उसे बदलने के लिए जज को राजी कर लिया। और यह सब हुआ आधी रात के बाद।

प्रस्तुति के बाद निर्देशक और कलाकारों के साथ संवाद का कार्यक्रम हुआ, जिसमें दर्शकों ने उनसे नाटक के विभिन्न पक्षों पर गहन विर्मश किया।प्रस्तुत नाटक में दिखाया गया कि अपने स्वार्थ के लिए बिल्डर एक चाल में सुबह 3 बजे आग लगा देते हैं। 60 साल पुरानी चाल में 25 लोग जलकर मर जाते हैं। दो आग बुझाने वालों की भी मौत हो जाती है। असल में, बिल्डर उस बस्ती को हटाना चाहते थे। संयोग से एक चोर उनमें से एक बिल्डर के घर चोरी करने पहुंचता है। और वहां बस्ती में आग लगाए जाने की घटना की साजिश के बारे में सुन लेता है। बस्ती में आग किस प्रकार लगी इसकी सुनवाई अदालत में हो रही है। आग के असली कारणों को भटका कर दूसरी ओर बचाव की ओर ले जाया जाता है और खोजी पत्रकार को भी एक्सीडेंट करवा कर मार दिया जाता है क्योंकि उनके पास आग लगाए जाने की घटना का सबूत होता है। ये सबूत पत्रकार को बचाने के लिए उसका पीछा कर रहे चोर के हाथ लग जाते हैं। फिर चोर रात को 2 बजे जज के घर चोरी करने जाता है। चोर जज से कहता है कि वह पुलिस को बुलाए और गिरफ्तार करवाए क्योंकि वह सबूत के साथ जज के पास आया है। बाद में जज पुलिस को बुलाता है और बिल्डरों के खिलाफ़ फैसला देने का मन बनाता है।
इस नाटक में विशाल शर्मा ने चोर, नवदीप शर्मा ने जज और विवान ने पत्रकार का किरदार अदा किया। गायित्री ने लाइट और साउंड का संचालन किया।नाटक में मुख्य अतिथि नाटककार और निर्देशक विभांशु वैभव तथा विशिष्ठ अतिथि रामबीर आर्यन, वरिष्ठ रंगकर्मी सविता व अन्वी इमीग्रेशन के संजय ढाका रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता की हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिट्स के अध्यक्ष संजय राठी ने। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कलाकारों की भूरी भूरी प्रशंशा की।इस अवसर पर सप्तक के अध्यक्ष विश्वदीपक त्रिखा, फाउंडर सुभाष नागरा, सुपवा के आकाश, पॉप स्टूडियो के विपिन सहारण, नीरू लाठर, डॉक्टर सोनिया, कवि पवन गहलोत, करनाल के वरिष्ठ रंगकर्मी प्रवेश त्यागी, उनकी टीम के देवेंद्र, रविंद्र, रवि, अनमोल, कोमल, हैप्पी, सुमन,सत्या, राहुल और सप्तक के सचिव अविनाश सैनी, रविंद्र कुमार, शक्ति सरोवर त्रिखा, अभिषेक, नवदीप, समीर शर्मा, नवदीप और सोनिका पांचाल भी मौजूद रहे।