Home Kurukshetra News श्रीगीता कुंज आश्रम बद्रीनारायण मंदिर में मनाया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व 

श्रीगीता कुंज आश्रम बद्रीनारायण मंदिर में मनाया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व 

by ND HINDUSTAN
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न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र। ज्योतिसर‌ स्थित श्रीगीता कुंज आश्रम बद्रीनारायण मंदिर में चल रहे चतुर्मास के‌ अवसर पर आज दूर दराज से पधारे श्रद्धालुओं ने हवन यज्ञ में भाग लिया। इस अवसर पर जिला न्यायाधीश कंज्यूमर कोर्ट कुरुक्षेत्र की डॉ नीलिमा शांगला ने बताया कि स्वामी मुक्तानंद जी महाराज मौन व्रत धारण किए हुए हैं। रात्रि को आश्रम परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। आश्रम को रंग बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया। डॉ नीलिमा शांगला ने कहा कि जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। इस दिन मंदिरों और घरों में सजावट की जाती है और श्रीकृष्ण के जीवन की झाकियां लगाई जाती हैं। ऐसी मान्यता है कि जन्माष्टमी पर विधि पूर्वक पूजन करने से घर में सुख-शांति आती है और सफलता भी मिलती है।

धार्मिक मान्यता है कि कृष्ण जी के बाल रूप का पूजन रात्रि में उनके जन्म के समय ही करना शुभ होता है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में श्रद्धालु अलग-अलग तरह से इस इस त्योहार को मना रहे हैं। जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। इस दिन मंदिरों और घरों में सजावट की जाती है और श्रीकृष्ण के जीवन की झाकियां लगाई जाती हैं। ऐसी मान्यता है कि जन्माष्टमी पर विधि पूर्वक पूजन करने से घर में सुख-शांति आती है और सफलता भी मिलती है। धार्मिक मान्यता है कि कृष्ण जी के बाल रूप का पूजन रात्रि में उनके जन्म के समय ही करना शुभ होता है। उन्होंने बताया कि श्री कृष्ण भगवान नंदगांव छोड़कर मथुरा अपने मामा कंस के यहां पहुंचे और वहां जाकर उन्होंने कंस का वध करने के बाद अपने माता-पिता देवकी व वासुदेव को बंधन मुक्त कराया। इसके पश्चात भगवान का द्वारका में प्रवेश हुआ, जहां पर उन्होंने रुक्मणी से विवाह रचाया।

लिखित रूप में स्वामी मुक्तानंद जी महाराज ने संदेश देते हुए कहा कि भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन भगवान श्रीकृष्ण ने माता देवकी के गर्भ से पृथ्वी पर जन्म लिया था। यही कारण है कि हर साल इस दिन भक्त श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाते हैं। आश्रम में भगवान जी को 56 प्रकार का भोग लगाया गया और श्रीकृष्ण भगवान जी का जलाभिषेक भी किया गया।इस अवसर पर आचार्य योगेंद्र व आचार्य द्वारिका द्वारा वेद मंत्रों सहित विधिवत रूप से पूजा अर्चना करवाई। इस मौके पर प्रवीण मित्तल, प्रीती मित्तल, प्रमोद गोयल, पंडित अंकित शर्मा आदि भक्तजन मौजूद रहे। 

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