न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। स्थाण्वीश्वर महादेव मंदिर मार्ग स्थित नेताजी सुभाष पार्क में शनिवार रात्रि झांसा रोड चौंक वाली जयश्री शारदा रामलीला एवं दशहरा सोसायटी की रामलीला में श्रीराम को राजा बनाने की घोषणा और कोप भवन दिखाया गया। इस अवसर पर व्यवसायी योगेश मित्तल ने बतौर मुख्यातिथि मां शारदा की आरती में हिस्सा लिया। रामलीला के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान किया। उपप्रधान सोहन लाल काकयान ने कहा कि रामलीला के माध्यम से हमें अच्छी शिक्षा मिलती है। आज के इस भौतिक युग में हम अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे है। हमें रामायण से सीख लेनी चाहिए। रामलीला मंच एक धार्मिकता का प्रतीक है। रामायण विश्व को भारत की अमूल्य देन है। विदेशों में भी रामायण के पात्रों का नाम बडे आदर से लिया जाता है। रामायण ने सदियों से इस धरा पर भारतीय संस्कृति एवं सत्य सनातन धर्म की रक्षा की है।
महासचिव नरेश चौधरी ने दर्शकों से आहवान किया कि वे परिवार एवं मित्रजनों सहित रामलीला के दर्शन करें। मंच पर कैकेई और मंथरा का संवाद दिखाया जाता है जिसमें मंथरा रानी कैकेई को सिखाती है कि वह राजा दशरथ से अपने पुत्र भरत के लिए अयोध्या का राज्य और राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगे। पहले तो कैकेई मंथरा को बुरी तरह से लताड़ती है लेकिन धीरे-धीरे वह उसकी बातों में आ जाती है और राजा दशरथ से अपने दो वरदानों के रूप में भरत को राज्य और राम को वनवास मांगती है। यह सुनकर राजा दशरथ चिंतित हो जाते है। रामलीला के मंच पर छोटे-छोटे बच्चों को लोरी दी गई। सरपरस्त दर्शनलाल सैनी के निर्देशन में मंच पर कलाकारों ने सीता स्वयंवर से संबंधित किरदारों को जीवंत किया।
सचिव अरविंद मोहन शर्मा ने बताया कि मंच पर कलाकार सुमित गर्ग ने राम, शिव भटनागर ने मंथरा, अमृत ने कैकेई, प्रिंस ने सीता, श्री निवास गोयल ने मुनादी वाला, मुकेश सिसौदिया ने दशरथ और श्रीनिवास गोयल ने मुनादीवाला का अभिनय किया। बड़ी संख्या में आए दर्शकों ने जय श्री राम के जयकारे लगाए। इस मौके पर सरपरस्त भूषण गुप्ता, करनैल सिंह, बालकृष्ण, प्रधान सतीश शर्मा,महाप्रबंधक विजय गाबा,प्रबंधक संजीव पांडे, सचिव यशपाल सैनी, पदम धीमान,अजय ठाकुर,निर्देशक संजीव कौशिक,सह निर्देशक महिपाल धीमान, सतीश गाबा,अमित शर्मा, चीनी भाई और गुरमीत सिंह खालसा आदि शामिल रहे।