Home haryana सुहागिनों ने भद्रकाली शक्तिपीठ में परंपरागत ढंग से मनाया करवा चौथ पर्व

सुहागिनों ने भद्रकाली शक्तिपीठ में परंपरागत ढंग से मनाया करवा चौथ पर्व

by ND HINDUSTAN
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न्यूज डेक्स संवाददाता

कुरुक्षेत्र।आज कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को माँ भद्रकाली शक्तिपीठ में सुहागिनों के सबसे लोकप्रिय त्यौहार करवा चौथ को हर्षोल्लास व धार्मिक रीतिरिवाजों के साथ मनाया गया। पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने बताया कि सौभाग्यशाली महिलाओं के सुखी वैवाहिक जीवन के लिए, उनके पति की दीर्घायु की मंगल कामना के लिए, माँ भद्रकाली जी के दरबार में करवा चौथ का त्यौहार कई वर्षों से ही मनाया जाता रहा है । उन्होंने आगे बताया कि करवाचौथ दो शब्दों से मिलकर बना है, ‘करवा’ यानी ‘मिट्टी का बर्तन’ और ‘चौथ’ यानि ‘चतुर्थी’। माँ भद्रकाली महिला मंडल की विवाहित सेविकाएं साल भर इस त्योहार का इंतजार करती हैं और इसकी सभी विधियों को बड़े श्रद्धा-भाव से मंदिर परिसर में पूरा करती हैं। सभी सुहागिनें 16 श्रृंगार से सजकर मंदिर पहुंची थी । उन्होंने आगे बताया कि  करवाचौथ का पवित्र त्योहार पति-पत्नी के मजबूत रिश्ते, प्यार और विश्वास का प्रतीक है।

मुख्य पुजारिन श्रीमती शिमला देवी ने बताया कि मान्यता है कि करवा चौथ व्रत पूरे विधि-विधान से रखने पर अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है। यह निर्जला व्रत बेहद कठिन माना जाता है। उन्होंने आगे भी बताया कि करवा चौथ के व्रत की शुरुआत सरगी से होती है और इसको पूर्ण चंद्र दर्शन व पति दर्शन के बाद ही किया जाता है। गतवर्ष आयोजन की भांति ही , आज भी माँ भद्रकाली दरबार में भव्य सुंदर मनमोहक कार्यक्रम शाम को 3:00 बजे प्रारंभ हुआ । इस महिला उत्सव की शुरुआत भजन कीर्तन से की गई जिसके पश्चात सभी सुहागिनों को करवा कथा के साथ साथ श्री गणेश जी व सावित्री की कथा भी सुनाई गई ।

तत्पश्चात महिलाओं ने थालियां बटोरने व गौरी पूजा का कार्यक्रम किया व शिव परिवार की भी पूजा की । सुहागिनों से चन्द्र देव की भी पूजा करवाई गयी क्योंकि चंद्रमा को सामान्यतः आयु, सुख और शांति का कारक माना जाता है । फिर विधिपूर्वक करवा माँ की आरती भी की गई । इसके बाद हरियाणवी लोकगीत व करवा भजन , गरबा व डांडिया पर सभी सुहागिनों ने नृत्य किया । मेरी मांग का सिंदूर, मैया मेरी जोड़ी बनाए, लो आ गया करवे का त्यौहार, मैया ने बना दी जोड़ी,  पति की लम्बी उम्र चाहिए, इत्यादि भजनों पर सभी विवाहित महिलाओं ने नृत्य किया । उसके बाद सभी ने श्री देवीकूप पर माँ भद्रकाली जी का ध्यान किया और अपने पति की लंबी उम्र व सुखमय जीवन की कामना की ।

अंत में मंदिर के मुख्य पुजारिन श्रीमती शिमला देवी द्वारा सभी सुहागिनों को माँ भद्रकाली जी के आशीर्वाद स्वरुप कुमकुम तिलक, चूड़ियां, फल आदि का विशेष श्रृंगार प्रसाद वितरित किया गया । इस पावन पवित्र त्यौहार की मस्ती में सभी झूमते नाचते नजर आए । गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी करवा चौथ के कार्यक्रम में सैंकड़ों की संख्या में सुहागिनें माँ के दरबार में अपने सुहाग की रक्षा की प्रार्थना करने आई थी और आज भी बहुत सी सुहागिनों ने मन्नत का धागा श्री देवीकूप पर मौजूद शक्ति त्रिशूल पर बाँधकर माँ से अपने सुहाग की दीर्घायु व रक्षा की कामना की । सुहागिनों ने भी प्रण लिया कि वे माँ भद्रकाली जी के प्रसाद से ही चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद अपना यह व्रत पूर्ण करेंगी । कथा के बाद पीने के लिए जल एवं चाय प्रसाद की भी व्यवस्था मंदिर में की गई थी । 

पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि माँ भद्रकाली जी आप सभी के सुहाग की सदैव रक्षा करती रहें और आप सभी को अमर सुहाग, अमर सिंदूर ,चमकता भाग्य, शौर्य और दीर्घायु प्रदान करें । पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने आगे कहा कि इस बार का करवा चौथ व्रत परम् सौभाग्य देने वाला है, जिसकी खास बात सर्वार्थ सिद्धि योग बनना है , जिसमें सभी कार्य शुभ फल देने वाले होते है ।

अंत में मंदिर में आरती में सभी सम्मिलित हुए । कार्यक्रम उपरांत दम्पतियों ने चंद्रदेव के दर्शन भी मंदिर परिसर से ही किए । इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण मंदिर के फेसबुक पेज पर भी किया गया। इस अवसर पर शकुंतला देवी, मीना जोशी, निकुंज शर्मा, सरोज, बीना, सुनीता, ममता ,मोना, चंद्रकांता ,विमला,पूजा इत्यादि भक्त उपस्थित थे ।

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