विष्णु कॉलोनी के श्री दुर्गा मंदिर में श्रीमदभागवत कथा का सातवां दिन
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र।विष्णु कॉलोनी के श्री दुर्गा मंदिर में चल रही संगीतमयी श्री मद्भागवत कथा में कथावाचक अशोक कृष्ण ठाकुर (वृंदावन) ने रुक्मिणी मंगल प्रसंग सुनाते हुए धर्म,गौ सेवा और राष्ट्र भक्ति से ओत प्रोत व्याख्यान भी दिया। कथावाचक ने कहा कि जो लोग भगवान की निर्भरता का नाम लेकर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना,सोना अथवा आराम में लगे रहना चाहते है,वे अपने आप को धोखा देते है। भगवान की निर्भरता में भक्त का जीवन सर्वदा और सर्वथा भगवतसेवा परायन बन जाता है।रुक्मिणी मंगल प्रसंग के दौरान कथा स्थल पर श्री कृष्ण रूकमणी विवाह की सभी रस्में भजनों व झाकियों के माध्यम से दर्शाई गई जिसका सभी भक्तों ने आनंद लिया। महिला श्रद्धालुओं ने मंगल गीत गाए और जय जय श्री राधे का पवित्र उद्घोष किया।
प्रसंग में बताया गया कि रुक्मिणी साक्षात लक्ष्मी का अवतार थीं। वह मन ही मन श्री कृष्ण से विवाह करना चाहती थीं। उधर,श्री कृष्ण भी जानते थे कि रुक्मिणी में कई गुण है। लेकिन रूकिमणी का भाई रूक्मी श्री कृष्ण से शत्रुता रखता था। अंतत: श्री कृष्ण ने रूक्मी को युद्ध में परास्त करके रुक्मिणी से विवाह किया। भागवत आरती में पुजारी पण्डित मोहन लाल शर्मा,राजेश सिंगला,संजीव सीकरी,राकेश मंगल,भूषण गर्ग,अरविंद शर्मा,विपिन अग्रवाल,आकाश गुप्ता, हंसराज गुप्ता,रविंद्र भारद्वाज,मोहन लाल मित्तल,राज गौड़,रामपाल गर्ग,श्री निवास गोयल,राजवती देवी, शकुंतला देवी,मंजु सिंगला,ऋतु मंगल,बबीता अग्रवाल,संतोष मित्तल और रेणु सिंगला सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रही।