डॉ प्रदीप गोयल /न्यूज़ डेक्स संवाददाता शाहाबाद । गीता विद्या मंदिर में गीता जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई गई। जिसमें मुख्यातिथि डा. प्रदीप गोयल रहे। प्रबंधक समिति के अध्यक्ष डा. असेंद्र शर्मा, सुधीर सूद, डा. नरेंद्र भूषण, अमित अग्रवाल, कार्यवाहक प्राचार्या सुमेधा रानी ने मुख्यातिथि डा. प्रदीप गोयल का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गीता पूजन, अष्टादश श्लोकी गीता पाठ ,गीता श्लोक, राम स्तुति ,राधा, कृष्ण नृत्य, कृष्ण अर्जुन संवाद प्रस्तुत किए। मुख्यवक्ता डा. प्रदीप गोयल ने गीता का जीवन में कितना महत्व है यह सभी को विस्तार पूर्वक बताया और बच्चों को संदेश दिया कि सभी को अपने घरों में गीता रखनी चाहिए उसका पाठ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गीता हमें सम्भाव सिखाती है और कर्म पर ध्यान देना चाहिए फल की इच्छा पर नहीं। जहां हम है वहां अपने कर्म को महत्व देना चाहिए। तीन श्लोक उन्होंने बताएं जिन्हे स्मरण करने से हम हर प्रकार की चिंता से मुक्त हो सकते है। उन्होंने कहा कि विषाद को दूर करने के लिए हमे गुरु की शरण लेनी चाहिए। डा. प्रदीप गोयल ने बताया कि योग कर्म कौशलम् अर्थात अर्थात कर्मों में कुशलता का नाम ही योग है। हम जहां हैं जैसी स्थिति में हैं वहां अपनी क्षमता का पूर्ण प्रयोग करें तो कोई भी ताकत हमें सफल होने से नहीं रोक सकती। उन्होंने बताया कि मानव का अधिकार कर्म करने में है फल में नहीं। इसलिए फल की इच्छा किए बिना कर्म करना चाहिए।