न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र,13 दिसंबर। कॉस्मिक एस्ट्रो के डायरेक्टर व श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली (कुरुक्षेत्र)के अध्यक्ष डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि कल 14 दिसम्बर 2020 , मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि सोमवार को होने से सोमवती अमावस्या के नाम जाना जाता है I इस दिन ज्येष्ठा नक्षरा ,चन्द्रमा वृश्चिक राशि में ,शूल योग और चतुष्पाद करण है I
सूर्य ग्रहण के साथ वृश्चिक में रहेंगे पांच ग्रह-
ज्योतिष के अनुसार, इस बार अमावस्या पर होने वाला सूर्य ग्रहण वृश्चिक राशि पर है। साथ ही वृश्चिक पर इस समय सूर्य के अतिरिक्त शुक्र, बुध, चंद्र और केतु भी मौजूद रहेंगे। इन सभी ग्रहों के विशेष योग से अमावस्या, स्नान आदि का पुण्य कई गुना ज्यादा बढ़ जाएगा। विशेष खग्रास सूर्य ग्रहण भारतीय समय अनुसार रात्रि 7 बजकर 3 मिन्ट से रात्रि 12 बजकर 23 मिनट तक भूगोल पर दिखाई देगा I यह भारत में दिखाई नहीं देगा जबकि मध्य तथा दक्षिणी अमेरिका ,साऊथ अफ्रीका ,अंगोला आदि में दिखाई देगा। सोमवती अमावस्या को स्नान, दान और पूजा-पाठ से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। सोमवती अमावस्या पितरों को तर्पण करने के लिए भी बहुत शुभ मानी जाती है।