Home haryana फसल उठान में देरी व भुगतान में विलंब पर आफ़ताब अहमद ने बीजेपी सरकार को घेरा

फसल उठान में देरी व भुगतान में विलंब पर आफ़ताब अहमद ने बीजेपी सरकार को घेरा

by ND HINDUSTAN
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किसान और आढ़ती परेशान लेकिन मौज में सरकार : आफ़ताब अहमद

न्यूज डेक्स संवाददाता

चंडीगढ़। कांग्रेस विधायक एवं विधानसभा में विपक्ष के उपनेता आफताब अहमद ने फसल उठान में देरी व भुगतान में विलंब के मामले को लेकर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि 48 से 72 घंटे के अंदर किसानों को गेहूं खरीद का भुगतान करने का भाजपा सरकार का वादा जुमला साबित हुआ है। प्रदेश की मंडियों में बिक चुकी आधी से अधिक फसल का अभी तक भुगतान लंबित है, जबकि इसकी बिक्री को लगभग तीन हफ़्ते बीत चुके हैं। 

विधायक आफ़ताब अहमद ने कहा कि मंडियों से गेहूं का बेहद धीमा उठान होने के कारण आढ़तियों व किसानों के लिए समस्या बनी है।मौसम विभाग द्वारा पहले से दी गई चेतावनी के बावजूद सरकार आंखें बंद करके सोती रही, और उठान नहीं होने के चलते मंडियां अनाज रखने में नाकामयाब हुई जिससे किसानों को अपना गेहूं सड़कों पर डालना पड़ रहा है। किसान की 6 महीने की दिन रात मेहनत से तैयार की गई फसल खुले आसेमान के नीचे बार-बार भीग रही है। बता दें कि प्रदेश की अलग- अलग मंडियों में बारिश के चलते भारी मात्रा में गेहूं पानी के साथ बह गया  जिसके लिये किसान को हुए नुकसान के लिए सीधे तौर पर आफ़ताब अहमद ने बीजेपी सरकार को जिम्मेदार है।विधायक आफ़ताब अहमद ने भुगतान में देरी के चलते किसानों को हुए नुक़सान की भरपाई की मांग उठाई है। 

किसानों की परेशानी कम करने के लिए नमी में छूट की लिमिट को भी बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि सरकार पोर्टल का झंझट खत्म करके जल्द उठान और भुगतान करे ताकि किसान अगले सीजन की तैयारी कर सकें।विधायक आफताब अहमद ने कहा एक तरफ तो मौसम की मार से प्रदेश का किसान दुखी है दूसरी तरफ़ अभी तक किसानों को खराब फसलों का भी पूरा मुआवजा नहीं मिला है। और अब भाजपा सरकार की बेरुखी और बद्द इंतजामी की वजह से मंडियों में आने वाला किसान परेशान है, अनाज मंडियों में किसानों के लिए उचित व्यवस्था भी नहीं की गई है। जिसका खामियाजा भाजपा सरकार को आने वाले चुनाव में भुगतना पड़ेगा, और जनता भाजपा द्वारा किए गए जुल्मों का बदला वोट की चोट से लेगी।

विधायक आफ़ताब अहमद ने कहा कि जिस बीजेपी राज में 750 से अधिक किसानों की मौत किसान आंदोलन में हो गई हो उनसे अधिक उम्मीद दिखती नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया वायदा भी खोखला निकला जिसमें 2022 तक किसानों की आय दौगुना करने की बात कही थी। विधायक आफ़ताब अहमद ने कहा दरअसल बीजेपी सरकार किसानों से किसान आंदोलन का बदला लेती हुई प्रतीत होती है। आफ़ताब अहमद ने भरोसा दिया कि कांग्रेस सरकार बनने पर स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू की जाएगी।

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