केयू प्रबंधन अध्ययन संस्थान में चार साप्ताहिक फैकल्टी इंडक्शन कार्यक्रम का हुआ शुभारम्भ
न्यूज़ डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं शोध से शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करें क्योंकि राष्ट्र निर्माण में एक शिक्षक की अहम जिम्मेवारी होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही चरित्र निर्माण एवं मानवीय मूल्यों द्वारा विद्यार्थियों को राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए अग्रसर कर सकता है। वे गुरुवार को केयू प्रबंधन अध्ययन संस्थान द्वारा आयोजित चार साप्ताहिक फैकल्टी इंडक्शन कार्यक्रम (ऑनलाइन) के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्यातिथि प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे।
कुवि कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि एक शिक्षक को शोध, सूचना प्रौद्योगिकी की भूमिका एवं आधुनिक तकनीकी ज्ञान होना चाहिए जिससे वह अपने शिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ा सके। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही शिक्षक में गुणवत्तापूर्ण शोध, नवाचार, चारित्रिक गुणों के साथ कौशल विकास क्षमता जैसे गुणों का होना बहुत आवश्यक है तभी वह राष्ट्र निर्माण एवं विकसित भारत में अपना योगदान दे सकता है। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने फैकल्टी संकाय हेतु इस इंडक्शन कार्यक्रम के लिए आयोजकों को बधाई दी।
संस्थान के निदेशक प्रो. अनिल मित्तल ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए बताया कि इस इंडक्शन कार्यक्रम में देश भर के अलग-अलग राज्यों से 60 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं जिसका उद्देश्य यूजीसी व एमएमटीटीसी के सौजन्य से अध्यापकों में रिसर्च के माध्यम से शिक्षण गुणवत्ता, शिक्षण अधिगम सहित शोध में सभी प्रतिभागियों को पारंगत करना है। एक अन्य सत्र में प्रोफेसर गुरचरण सिंह, यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट पटियाला, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला ने प्लेगिरिज्म के मुद्दे और उसके समाधान और उसके विविध आयामों की विस्तार पूर्वक चर्चा की। केयू एमएमटीटीसी की निदेशिका प्रो. प्रीति जैन ने कार्यक्रम की रूपरेखा संरचना व उद्देश्य के बारे में बताया। डॉ. अनिल कुमार ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रो. राजन शर्मा, डॉ. दिशा कक्कड़, डॉ. अरूणा ग्रोवर सहित प्रतिभागी मौजूद रहे।