डिजीटल युग में लिखते रहने से ही रचनात्मकता संभवः प्रो. महासिंह पूनिया
सोशल मीडिया के दौर में युवाओं को नई तकनीक से बढ़ना होगा आगेः राजेश शांडिल्य
केयू के आईएमसीएमटी में पत्रकारिता पर पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजन
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र । कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के मिनी आडिटोरियम में एक दिवसीय कार्यशाला फ्रार्म हेडलाइन टू हैसटैग्सः नैविगेटिंग डिजिटल मीडिया’ विषय पर आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रिसोर्स पर्सन बैनेट यूनिवसिर्टी, ग्रेटर के प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस अयानजीत सेन ने कहा कि डिजीटल दौर में मीडिया के छात्रों को ‘वन मैन आर्मी’ बनने से विद्यार्थियों की निपुणता में निखार आएगा। विद्यार्थियों को डिजीटल युग में ‘वन मैन आर्मी’ की तरह तैयार होना होगा क्योंकि डिजीटल युग वन मैन आर्मी आधारित ही है इसमें किसी दूसरे या दूसरे व्यक्ति की कम ही आवश्यकता होगी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक जीवन में प्रत्येक प्रकार की ‘टैªनिंग’ को लक्ष्य आधारित मानकर करना होगा क्योंकि जीवन के किसी भी ‘क्षण’ ली गई टैªनिंग’ अपने कार्य क्षेत्र की पूर्ति के लिए लाभदायक बन सकती है। उन्होंने कहा कि डिजीटल मीडिया की किसी प्रकार की चुनौतियां का हल अपने अंदर आत्मविश्वास के जरिये दूर किया जा सकता है। उन्होंने अपने जीवन की दो दशकों की मीडिया यात्रा को विद्यार्थियों के समक्ष साझा करते हुए कहा कि जीवन में प्रत्येक प्रकार का अनुभव हमें आगे बढ़ने की प्ररेणा प्रदान करता रहता है यही हमें निरंतर सीखते रहने का मौका देता है।
इस एक दिवसीय कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रोफेसर महासिंह पूनिया ने कार्यशाला के मुख्य वक्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यार्थियों में निरतंर लिखते रहने की प्रवृति से ही रचनात्मकता संभव होगी, क्योंकि अच्छी लेखन शैली के लिए लिखने का निरंतर अनुभव ही समय के साथ आगे बढ़ा पायेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय डिजीटल युग का है इसलिए विद्यार्थियों को डिजीटल युग आधार पर अपना रचानात्मक कौशल निखारना होगा ताकि डिजीटल आधार पर ‘मीडिया हाउसों की रोजगार चुनौतियों को दूर किया जा सके। प्रोफेसर पूनिया ने कहा कि संस्थान और विश्वविद्यालय का यही प्रयास हैं कि विद्यार्थियों के कौशल पर अधिक ध्यान दिया जाये ताकि समृद्ध समाज और समृद्ध राष्ट्र निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका का वहन किया जा सके।
कार्यशाला में मुख्य रिसोर्स प्रर्सन राजेश शांडिल्य, संपादक, विश्व संवाद केन्द्र चंडीगढ़ ने वर्तमान और अपने अनुभवी दो दशक पूर्व की मीडिया की चुनौतियों पर अपने विचार रखते हुए कहा कि सोशल मीडिया के दौर में युवाओं को नई तकनीक से आगे बढ़ना होगा। ‘मीडिया पर चुनौतियां आती रही हैं और जाती रहेगी, विद्यार्थियों को अपने कार्य के प्रति समर्पण, समाज के प्रति उदेश्य और राष्ट्र के प्रति अपना प्रेम निभाते हुए आगे बढ़ते रहना चाहिए। उन्होंने अपने जीवन के दो दशको की मीडिया यात्रा के दौरान आये अच्छे-बुरे अनुभवों को बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को किसी एक या दो विषय में गहन पकड़ बनानी होगी जिससे मीडिया के जरिये समाज को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होने कहा कि मीडिया, मल्टीमीडिया, ग्राफिक्स एंड एनिमेशन और प्रिंटिग पैकेजिंग के विद्यार्थियों को अपने दैनिक अनुभवों से सीखते हुए आगे बढ़ना होगा क्योंकि अनुभव ही हमें आगे बढ़ाता हैं।
इस अवसर पर संस्थान के अस्सिटेंट प्रोफेसर एवं एक्टिीविटी इंजार्च डॉ. आबिद अली ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रश्न पूछने की जिज्ञासा का उत्पन्न करना और उनकी रचनात्मकता को आगे बढ़ाना है। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार सौरभ चौधरी ने भी अपने विचार साझा रखते हुए कहा कि विद्यार्थियों को समय आधारित लक्ष्य निर्धारित करना होगा।
इस अवसर पर मुख्य रिसोर्स पर्सन ने विद्यार्थियों द्वारा पूछे गऐ कॅरियर, चुनौतियां, प्रैक्टिकल, कौशल, समय प्रंबंधन संबंधी प्रश्नों के उत्तर दिये।
इस अवसर पर जनसंचार संस्थान के अस्सिटेंट प्रोफेसर डॉ. अभिनव, डॉ. तपेश किरण, डॉ. रोशन मस्ताना, राकेश कुमार, सचिन कुमार, अमित कुमार, राहुल अरोड़ा, प्रीति, नितिन चावला, सुनिता, रितु, डॉ. प्रदीप, कंचन शर्मा, अर्पणा, सन्नी जांगड़ा और नॉन टीचिंग स्टॉफ से डॉ. सतीश राणा, जितेंद्र रोहिल्ला के साथ शोधार्थी और विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।