Home Kurukshetra News प्रधानमंत्री मोदी का यमुनानगर दौरा ऐतिहासिक, करोड़ों की सौगातों से शहरवासी खुश – मेयर सुमन बहमनी

प्रधानमंत्री मोदी का यमुनानगर दौरा ऐतिहासिक, करोड़ों की सौगातों से शहरवासी खुश – मेयर सुमन बहमनी

by ND HINDUSTAN
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प्रधानमंत्री के साथ विकास के विजन को निकट से जानने का मिला अविस्मरणीय अवसर – मेयर सुमन बहमनी

एनडी हिन्दुस्तान

यमुनानगर। मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर यमुनानगर के लिए एक ऐतिहासिक दिन बन गया, जब देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिले में करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का पदार्पण किया। प्रधानमंत्री ने दो महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात दी। 800 मेगावाट क्षमता की थर्मल पावर प्लांट की नई यूनिट और 90 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का शिलान्यास किया। दोनों प्रोजेक्ट से जिले के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। मेयर बहमनी ने बताया कि इस गौरवपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनके साथ संवाद कर विकास के विज़न को निकट से जानने का अवसर अविस्मरणीय रहा। उनका सादगीपूर्ण व्यवहार और दूरदर्शी सोच प्रेरणादायक है। प्रधानमंत्री का यमुनानगर के प्रति विशेष लगाव एक बार फिर देखने को मिला। जब उन्होंने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए जिले को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के अपने संकल्प को दोहराया।

उन्होंने बताया कि यह रैली केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन बन गई। जिसमें प्रदेश और जिले के कोने-कोने से उमड़ी भीड़, उत्साह और विश्वास की जीवंत मिसाल थी। इस ऐतिहासिक रैली की सफलता लिए मेयर सुमन ने जिले और प्रदेश की जनता, वार्ड पार्षदों, मातृशक्ति, ऊर्जावान युवाओं ,भाजपा कार्यकर्ताओं और देव तुल्य जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन सभी के अद्भुत सहयोग और समर्थन से ही यह रैली ऐतिहासिक रैली के रूप में बदल गई और यह  दिन स्वर्णिम बन गया। उन्होंने कहा कि 800 मेगावाट क्षमता की थर्मल पावर प्लांट की नई यूनिट बनने से बिजली की मात्रा बढ़ेगी। आमजन के साथ किसान, उद्योग पत्तियों, मजदूरों, कारीगरों समेत सभी को लाभ होगा। पहले जहां लोग बिजली की उपलब्धता कम होने से परेशान रहते थे। भाजपा के राज में 24 घंटे बिजली मिल रही है। दूसरी सौगात मुकारमपुर में 90 करोड़ से बनने वाले गोबर धन संयंत्र की है। इस संयंत्र की कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की वार्षिक क्षमता 2,600 मीट्रिक टन होगी। परियोजना मई 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। सीबीजी संयंत्र में कृषि अवशेष, मवेशियों के गोबर और नगरपालिका के ठोस कचरे जैसे अपशिष्ट/बायोमास स्रोतों का उपयोग बायो-गैस बनाने के लिए किया जाएगा। इस प्लांट में सालाना 45,000 मीट्रिक टन ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक ढंग से निपटान किया जाएगा। साथ ही 36,000 मीट्रिक टन गाय के गोबर का उपयोग किया जाएगा। सीबीजी बायोगैस का शुद्ध रूप है और सीएनजी का विकल्प है। इस प्लांट में बनी 2,600 मीट्रिक टन सी.बी.जी. से इतनी ही सीएनजी की बचत होगी। इस प्लांट में सालाना लगभग 10,000 मीट्रिक टन बायो-खाद का उत्पादन होगा। इस प्लांट से सालाना कार्बन डाय ऑक्साइड उत्सर्जन में 7,700 मीट्रिक टन की कमी आएगी। इससे कूड़े की खुले में डंपिंग और मीथेन गैस उत्सर्जन से छुटकारा मिलेगा और वायु प्रदूषण में कमी आएगी।

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