एनडी हिन्दुस्तान
रोहतक। अखिल भारतीय जाट सूरमा स्मारक महाविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा ‘अयोध्या में उत्खनन’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता राष्ट्रीय संग्रहालय नई दिल्ली के महानिदेशक डॉ. बी.आर. मणि रहे। कॉलेज में पहुंचने पर मुख्य वक्ता डॉ. मणि और उनकी धर्मपत्नी डॉ. सुषमा मणि व महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मनमोहन सिंह का कॉलेज प्राचार्या डॉ. शबनम राठी व इतिहास विभाग के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट डॉ. डॉ. विवेक दांगी ने स्वागत किया।
मुख्य वक्ता डॉ. मणि ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि उत्खनन की प्रक्रिया बहुत ही सावधानी के साथ कई बड़े अधिकारियों और प्रशासन की टीम की देखरेख में बारीकी से की गई थी। इस खुराई में वहां मंदिर होने के अह्म साक्ष्य मिले और उनका बारीकी से विश्लेषण किया गया था। डॉ. मणि ने बताया कि वहां की खुदाई में मंदिरों के अवशेष, कई चबूतरे, पिलर, दीवार, चित्र, सिक्के, बर्तन, टेराकोटा की मूर्तियां, कोपर के बर्तनों के अलावा जले हुए दीप भी मिले थे। इन सभी साक्ष्यों का विश्लेषण कई टीमों द्वारा किया गया। जिसमें पता चला कि यहां पर जहां मस्जिद थी उसके नीचे मंदिर था। इस उत्खनन में लंबा समय लगा परंतु इससे इसकी वास्तकिता का प्रमाण मिला। उन्होंने बताया कि जहां आज राम मंदिर बनाया गया है वहां पहले से मिले सभी साक्ष्य बता रहे हैं वहां हमारी आस्था बड़ा केंद्र रहा है।
कार्यक्रम का मंच संंचालन डॉ. कांता राठी ने किया। वहीं मुख्य वक्ता का धन्यवाद इतिहास विभाग के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट डॉ. डॉ. विवेक दांगी ने किया।
इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. शबनम राठी, इतिहास विभाग के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट डॉ. डॉ. विवेक दांगी, डॉ. शीशपाल राठी, डॉ. मनीष गुलिया, डॉ. संजीत, डॉ. महिमा, डॉ. कांता राठी और सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।